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Health Today publication

आम रोगों की होम्योपैथिक दवा: पुस्तक के 9 विषय

आम रोगों की होम्योपैथिक दवा पुस्तक में लक्षण देखकर बताई गई है। लू, सांस फूलना, खर्राटे जैसे विषयों के लेख यहाँ एक जगह मिलेंगे।

रमेश वर्माप्रकाशित: 4 नवंबर 2026

डॉक्टर द्वारा जाँचा गया: डॉ. राजपाल लांबा, BHMS (1993), MD होम्योपैथी (2007) · जाँचा गया: 20 अक्टूबर 2026

आम रोगों की होम्योपैथिक दवा पुस्तक में रोग और लक्षण के हिसाब से अलग-अलग बताई गई है। इस लेख में पुस्तक के नौ विषय एक जगह जोड़े गए हैं, ताकि आप अपना विषय चुनकर आगे पढ़ सकें।

इस लेख में:

पुस्तक का परिचय: आम रोगों की होम्योपैथिक दवा कहाँ पढ़ें

आम रोगों की होम्योपैथिक दवा के बारे में पढ़ना चाहें तो होम्योपैथी प्रैक्टिस पुस्तक एक अच्छा सहारा है। इसमें रोग और लक्षणों के हिसाब से जानकारी हिंदी में दी गई है।

डॉ. राजपाल लांबा की यह पुस्तक हिसार से प्रकाशित हुई है। इसमें शरीर के अलग-अलग हिस्सों की तकलीफ़ें, लक्षणों की पहचान और औषधियों का ब्योरा मिलता है।

नीचे पुस्तक के नौ विषय रोग-समूह के हिसाब से रखे गए हैं। हर विषय का पूरा लेख पढ़ने के लिए उसके नाम पर जाइए। यह जानकारी पढ़ने और समझने के लिए है।

  • पुस्तक: होम्योपैथी प्रैक्टिस (Homeopathy Practice) — हिंदी बुक
  • लेखक: डॉ. राजपाल लांबा
  • संस्करण: 1st
  • प्रकाशक: Health Today Publication
  • ISBN: 9788192891651
  • पेज: 704
  • कीमत: ₹600

पुस्तक देखें

आपात स्थिति: आपात स्थिति के विषय पुस्तक से

लू लगने जैसी आपात स्थिति में पुस्तक के अनुसार पहले क्या किया जाता है।

लू लगना

पुस्तक के अनुसार लू लगने पर रोगी को छाया में ले जाना, हवा करना और होश आने पर पानी या नमक-चीनी का घोल पिलाना चाहिए। सांस रुकती हो या बेहोशी छा जाए तो देर न करें, चिकित्सक को बताएँ।

आंख, नाक और गला: आंख, नाक और गला के विषय पुस्तक से

इस समूह में आंख और नाक-गले से जुड़े पुस्तक के विषय हैं।

पलकें लटकना

इस स्थिति में ऊपरी पलकें नीचे लटक जाती हैं और रोगी उन्हें उठा नहीं पाता। पुस्तक में आंखों में दर्द, पानी बहना और लाली जैसे लक्षण बताए गए हैं।

पूरा पढ़ें: पलकों का लटकना क्या है? पुस्तक में 2 औषधियाँ ✅

खर्राटे

खर्राटे की होम्योपैथिक दवा पुस्तक में लक्षण के अनुसार बताई गई है। नाक की सूजन, रुकावट या कफ अटकने जैसी वजहों के हिसाब से अलग औषधियों का ज़िक्र है।

सांस और दिल: सांस और दिल के विषय पुस्तक से

सांस फूलना और धमनी से जुड़े विषय इस समूह में हैं।

सांस फूलना

सांस फूलने पर पुस्तक में लक्षण के हिसाब से अलग-अलग औषधियों का ज़िक्र है। जैसे कैलकेरिया, सेनेगा, एपिस, डिजिटेलिस और स्पंजिया।

पूरा पढ़ें: सांस फूलने की होम्योपैथिक दवा: पुस्तक की 5 औषधियाँ ✅

धमनी की बीमारी

इसमें धमनी कड़ी, टेढ़ी और मोटी हो जाती है। पुस्तक के अनुसार यह बुढ़ापे में ज़्यादा होती है और नाड़ी कमज़ोर व धीमी पड़ने लगती है।

कमज़ोरी और थकान: कमज़ोरी और थकान के विषय पुस्तक से

कमज़ोरी और थकान से जुड़े पुस्तक के विषय यहाँ मिलेंगे।

दिमागी कमज़ोरी

पुस्तक में दिमागी कमज़ोरी के साथ सामान्य कमज़ोरी, थकान और वीर्य क्षय का भी अलग-अलग ज़िक्र है। औषधियों के नाम उसी लेख में लक्षण के साथ दिए गए हैं।

पूरा पढ़ें: दिमागी कमजोरी के बारे में होम्योपैथी किताब में क्या लिखा है

मांसपेशियों की कमज़ोरी

पुस्तक में हाथ-पैर की कमज़ोरी, कांपना और थका-थका रहना जैसे लक्षण बताए गए हैं। अलग लक्षणों के साथ कोनायम, जेल्सीमियम, आर्निका और कैलि-कार्ब का ज़िक्र है।

पूरा पढ़ें: मांसपेशियों की कमजोरी की 3 होम्योपैथिक दवाएँ

बाल और आदत: बाल और आदत के विषय पुस्तक से

बालों की तकलीफ़ और तंबाकू की आदत के विषय इस समूह में हैं।

बाल झड़ना

पुस्तक में बाल झड़ने की स्थितियाँ अलग-अलग बताई गई हैं, जैसे रूसी, खुश्की, भौंहों और दाढ़ी के बाल झड़ना। हर स्थिति के साथ अलग औषधियों के नाम दिए गए हैं।

पूरा पढ़ें: बाल झड़ने की होम्योपैथिक दवा कौन-सी? 8 सवाल-जवाब ✅

तंबाकू की आदत

पुस्तक में तंबाकू की आदत छोड़ने के लिए लक्षण देखकर औषधि का ज़िक्र है। पहली शर्त रोगी की अपनी इच्छा शक्ति बताई गई है।

पुस्तक की औषधियाँ: पुस्तक के अनुसार औषधियाँ

नीचे वही औषधियाँ हैं जिनका नाम पुस्तक के इन लेखों में आता है। यह सिर्फ़ पढ़ने की जानकारी है, दवा तय करने के लिए नहीं।

  • जेलसिमियम (Gelsemium) — पलकें लटकने वाले हिस्से में सबसे पहले इस औषधि का नाम आता है।
  • रस टॉक्स — पुस्तक के अनुसार पलकों का लटकना बना रहे तो इस औषधि का नाम आता है।
  • जेलसीमियम — लू लगने वाले हिस्से में गहरी नींद जैसी हालत के साथ इसका ज़िक्र है।
  • हिपोजेनियम (Hippozaeninum) — खर्राटे वाले हिस्से में इस औषधि का नाम आता है।
  • लेम्ना माइनर (Lemna Minor) — खर्राटे वाले हिस्से में इस औषधि का नाम आता है।
  • ओपियम (Opium) — खर्राटे वाले हिस्से में इस औषधि का नाम आता है।
  • सेनेगा — सांस फूलने वाले हिस्से में लक्षण के साथ इसका ज़िक्र है।
  • एपिस — सांस फूलने वाले हिस्से में लक्षण के साथ इसका ज़िक्र है।
  • डिजिटेलिस (Digitalis) — सांस फूलने वाले हिस्से में लक्षण के साथ इसका ज़िक्र है।
  • स्पंजिया (Spongia Tosta) — सांस फूलने वाले हिस्से में लक्षण के साथ इसका ज़िक्र है।
  • कोनायम (Conium Maculatum) — मांसपेशियों की कमज़ोरी वाले हिस्से में इसका ज़िक्र है।
  • आर्निका (Arnica Montana) — मांसपेशियों की कमज़ोरी वाले हिस्से में इसका ज़िक्र है।
  • लाइकोपोडियम — बाल झड़ने वाले हिस्से में इस औषधि का नाम आता है।
  • सेलेनियम (Selenium) — पुस्तक के दो अलग लेखों में इस औषधि का नाम आता है।
  • नक्स-वोमिका (Nux Vomica) — पुस्तक के दो अलग लेखों में इस औषधि का नाम आता है।

चिकित्सक से कब मिलें: ये संकेत हों तो देर न करें

  • सांस रुकती हो या बेहोशी छा जाए तो तुरंत 108 पर फ़ोन कीजिए या अस्पताल पहुँचिए।
  • लू लगने पर तेज़ कमज़ोरी, चक्कर या उल्टी हो तो चिकित्सक को ज़रूर बताइए।
  • पलकें अचानक लटकने लगें या देखने में दिक़्क़त हो तो देर न कीजिए।
  • सांस फूलना अचानक बढ़ जाए तो पहले चिकित्सक से मिलिए।
  • कोई तकलीफ़ बार-बार लौटे या बढ़ती जाए तो अपने चिकित्सक को बताइए।
  • पुस्तक में पढ़कर खुद से दवा मत चुनिए, पहचान के बाद ही सही औषधि चुनी जा सकती है।

दवा अपने चिकित्सक की सलाह से ही लें; यह जानकारी सिर्फ़ पढ़ने और समझने के लिए है।

सवाल-जवाब

1.आम रोगों की होम्योपैथिक दवा पुस्तक में कैसे बताई गई है

aam rogon ki homeopathic dawa pustak mein kaise batayi gayi hai

पुस्तक में रोग के नाम के साथ उसके लक्षण दिए गए हैं और उन्हीं लक्षणों के साथ औषधि का ज़िक्र है।

  • पुस्तक में रोग और लक्षणों के हिसाब से जानकारी दी गई है।
  • हर औषधि के साथ उससे जुड़े लक्षण लिखे गए हैं।
  • एक ही रोग में लक्षण अलग-अलग हो सकते हैं, इसलिए औषधि के नाम भी अलग आते हैं।
  • पुस्तक में व्यक्ति की अपनी ख़ासियत पर भी ध्यान देने की बात कही गई है।
  • पहचान के बाद ही सही औषधि चुनी जा सकती है।

2.सांस फूलने पर पुस्तक में कौन-सी औषधियों का ज़िक्र है

sans phulne par pustak mein kaun si aushadhiyon ka zikr hai

पुस्तक में सांस फूलने पर लक्षण के हिसाब से अलग-अलग औषधियों का ज़िक्र है।

  • कैलकेरिया का नाम इस हिस्से में आता है।
  • सेनेगा का ज़िक्र भी लक्षण के साथ मिलता है।
  • एपिस और डिजिटेलिस के नाम भी बताए गए हैं।
  • स्पंजिया का ज़िक्र भी इसी हिस्से में है।
  • हर औषधि के साथ पुस्तक में अलग लक्षण लिखे गए हैं।

3.खर्राटे की होम्योपैथिक दवा पुस्तक में कौन-सी बताई गई है

kharate ki homeopathic dawa pustak mein kaun si batayi gayi hai

पुस्तक में खर्राटे की औषधि लक्षण के अनुसार तय बताई गई है, इसलिए कई नाम आते हैं।

  • हिपोजेनियम का नाम इस हिस्से में आता है।
  • लेम्ना माइनर का ज़िक्र भी मिलता है।
  • पल्सेटिला और ओपियम के नाम भी बताए गए हैं।
  • नाक की सूजन, रुकावट, कफ अटकना या ठंडक जैसी वजहें देखी जाती हैं।
  • हर वजह के साथ अलग औषधि का ज़िक्र है।

4.बाल झड़ने की होम्योपैथिक दवा पुस्तक में किस आधार पर अलग-अलग है

baal jharne ki homeopathic dawa pustak mein kis aadhaar par alag alag hai

पुस्तक में बाल झड़ने की हर स्थिति के लिए अलग औषधियों के नाम दिए गए हैं।

  • रूसी वाली स्थिति का अलग ज़िक्र है।
  • खुश्की के साथ बाल झड़ने का अलग हिस्सा है।
  • भौंहों के बाल झड़ने की बात अलग बताई गई है।
  • दाढ़ी के बाल झड़ने का भी अलग हिस्सा है।
  • हर स्थिति के साथ औषधियों के नाम अलग-अलग हैं।

5.लू लगने पर पुस्तक के अनुसार क्या करना चाहिए

lu lagne par pustak ke anusar kya karna chahiye

पुस्तक के अनुसार रोगी को पहले छाया वाली जगह पर ले जाना चाहिए।

  • कपड़े उतारकर पानी से भिगोए कपड़े शरीर पर लपेट देने चाहिए।
  • रोगी को लगातार हवा करते रहना चाहिए।
  • शरीर का तापमान कम हो जाए तो गीले कपड़े हटा दें, पर हवा जारी रखें।
  • होश में आने के बाद पानी या नमक-चीनी का घोल पिलाते रहना चाहिए।
  • सांस रुकती हो या बेहोशी छा जाए तो देर न करें, चिकित्सक को बताइए।

6.तंबाकू की आदत छोड़ने पर पुस्तक में क्या बताया गया है

tambaku ki aadat chhodne par pustak mein kya bataya gaya hai

पुस्तक के अनुसार इसमें पहली शर्त रोगी की अपनी इच्छा शक्ति है।

  • पुस्तक में लक्षण देखकर औषधि का ज़िक्र किया गया है।
  • अलग-अलग लक्षणों के साथ अलग औषधियों के नाम आते हैं।
  • औषधि का नाम पढ़ना सिर्फ़ जानकारी है, चुनाव का तरीका नहीं।
  • पहचान के बाद ही सही औषधि चुनी जा सकती है।
  • अपने चिकित्सक को ज़रूर बताइए।

7.मांसपेशियों की कमज़ोरी पर पुस्तक में किन लक्षणों का ज़िक्र है

manspeshiyon ki kamzori par pustak mein kin lakshanon ka zikr hai

पुस्तक में हाथ-पैर की कमज़ोरी, कांपना और थका-थका रहना जैसे लक्षण बताए गए हैं।

  • कोनायम का ज़िक्र इस हिस्से में आता है।
  • जेल्सीमियम का नाम भी लक्षण के साथ मिलता है।
  • आर्निका और कैलि-कार्ब के नाम भी बताए गए हैं।
  • हर औषधि के साथ अलग लक्षण लिखे गए हैं।
  • लक्षण पहचानने के बाद ही आगे बढ़ना चाहिए।

8.पलकें लटकने पर पुस्तक में क्या लिखा है

palkein latakne par pustak mein kya likha hai

पुस्तक के अनुसार इसमें ऊपरी पलकें नीचे लटक जाती हैं और रोगी उन्हें उठा नहीं पाता।

  • पलकें न उठा पाने से आंखों में दर्द होता है।
  • आंखें थोड़ी खुलने पर पानी बहता है।
  • आंखें लाल हो जाती हैं।
  • पुस्तक में सबसे पहले जेलसिमियम का नाम आता है।
  • वह बना रहे तो रस टॉक्स का नाम आता है।

यह लेख कैसे बना

यह लेख AI की मदद से तैयार किया गया और रमेश वर्मा ने पढ़कर प्रकाशित किया।

डॉ. राजपाल लांबा, BHMS (1993), MD होम्योपैथी (2007) ने जाँचा (20 अक्टूबर 2026)।

हमारी संपादकीय नीति

अपने चिकित्सक को ज़रूर बताइए — सही पहचान के बाद ही सही औषधि चुनी जा सकती है।

यह लेख सिर्फ़ जानकारी के लिए है। यह डॉक्टर की सलाह, जाँच या इलाज की जगह नहीं है — कोई भी दवा अपने चिकित्सक से पूछकर ही लें।