मुख्य सामग्री पर जाएँ
Health Today publication

होम्योपैथी बुक (Homeopathy Books)मन और दिमाग के रोग

Home sickness क्या है? 7 सवाल, पुस्तक के जवाब ✅

home sickness क्या है? घर से दूर रहने पर घर जाने की तेज इच्छा और उदासी — पुस्तक के अनुसार यह स्नायु संस्थान की कमजोरी से जुड़ा है।

रमेश वर्माप्रकाशित: 30 अक्टूबर 2026

home sickness क्या है: पुस्तक के अनुसार यह स्नायु संस्थान की कमजोरी के कारण होने वाला रोग है। इसमें घर से बाहर रहने वाले को घर जाने की तेज इच्छा होती है, और पूरी न होने पर वह उदास हो जाता है। पुस्तक में 2 औषधियाँ बताई गई हैं।

इस विषय पर वीडियो

चलाने पर YouTube का वीडियो खुलेगा।

वीडियो का पूरा पाठ

home sickness क्या है?

घर से दूर रहने पर घर जाने की इतनी तेज इच्छा क्यों होती है?

पुस्तक की बात जानिए।

पुस्तक के अनुसार होम सिक्नेस में घर से बाहर रहने वाले को घर जाने की तेज इच्छा होती है।

यह रोग स्नायु संस्थान की कमजोरी के कारण होता है।

अगर घर जाने की इच्छा पूरी न हो पाए, तो रोगी उदास हो जाता है।

बच्चों में यह रोने और अकेले बैठे रहने के रूप में दिखता है।

पुस्तक में औषधि लक्षण के हिसाब से बताई गई है।

इसलिए पहले देखिए कि घर की याद के साथ और क्या दिखता है।

पुस्तक में ऐसिड फॉस उन रोगियों के लिए बताई गई है जिन्हें घर जाने की तेज इच्छा हो और इच्छा पूरी न होने पर उदासी आ जाए।

पुस्तक में कैप्सिकम उस बच्चे के लिए बताई गई है जिसे बोर्डिंग हाउस में जी न लगे।

वह रोता रहता है और माँ-बाप को याद करता है।

पुस्तक की बात जानकारी के लिए है।

औषधि अपने मन से न चुनें।

अपने चिकित्सक को ज़रूर बताइए।

उदासी बहुत बढ़ जाए और संभल न रही हो तो देर न करें।

तुरंत डॉक्टर या अस्पताल जाइए।

ज़रूरत हो तो 108 पर कॉल कीजिए।

यह जानकारी होम्योपैथी प्रैक्टिस, डॉ. राजपाल लांबा से ली गई है।

होम सिक्नेस में घर जाने की तेज इच्छा और उदासी रहती है।

पुस्तक में लक्षण के हिसाब से ऐसिड फॉस और कैप्सिकम का ज़िक्र है।

पूरा लेख पढ़िए।

अपने चिकित्सक को ज़रूर बताइए — सही पहचान के बाद ही सही औषधि चुनी जा सकती है।

पूरी जानकारी description और comment box में दी गई है।

Home sickness क्या है?

होम-सिक्नेस (Home-Sickness) पुस्तक के एक अध्याय का नाम है। home sickness क्या है, इसका सीधा जवाब पुस्तक की परिचय वाली पंक्ति में है: यह रोग स्नायु संस्थान की कमजोरी के कारण होता है।

जो लोग किसी कारणवश घर से बाहर रहते हैं, उन्हें घर जाने की तेज इच्छा होती है। इच्छा पूरी न हो पाए तो वे उदास हो जाते हैं।

घर की याद आना: कारण और लक्षण

पुस्तक में कारण स्नायु संस्थान की कमजोरी बताया गया है। लक्षण नीचे दिए हैं।

  • घर से बाहर रहने वाले को घर जाने की तेज इच्छा होना।
  • इच्छा पूरी न होने पर उदास हो जाना।
  • बच्चे का घर से दूर जी न लगना और लगातार रोते रहना।
  • खेलने की जगह एक कोने में बैठे रहना और माँ-बाप को याद करना।

लक्षण देखकर औषधि की पहचान

पुस्तक में औषधि लक्षण के हिसाब से बताई गई है। नीचे हर औषधि के साथ वही लक्षण हैं जो पुस्तक में लिखे हैं।

ऐसिड फॉस

पुस्तक के अनुसार ऐसिड फॉस उन रोगियों के लिए बताई गई है जिन्हें घर जाने की तेज इच्छा होती है और इच्छा पूरी न होने पर वे उदास हो जाते हैं।

पुस्तक में इसे स्नायु संस्थान की कमजोरी से जोड़ा गया है। शोक में डूबे बच्चे और मानसिक आघात के नतीजों में भी इसका ज़िक्र है।

कैप्सिकम (Capsicum Annuum)

पुस्तक के अनुसार कैप्सिकम उस बच्चे के लिए बताई गई है जिसे घर से बाहर किसी बोर्डिंग हाउस में भेजा गया हो और जिसका वहाँ जी न लगे।

ऐसा बच्चा लगातार रोता है, कोने में बैठा रहता है और माँ-बाप को याद करता है। पुस्तक में इसकी शक्ति 3 या 6 लिखी है।

किताब से

यह रोग स्नायु संस्थान की कमजोरी के कारण होता है। इस रोग से ग्रसित रोगी (जो किसी कारणवश घर से बाहर रहते हैं) को घर जाने की तेज इच्छा होती है।
होम्योपैथी प्रैक्टिस (Homeopathy Practice) — हिंदी बुक, पन्ना 33
होम सिक्नेस: पुस्तक में बताई गई औषधियाँ और लक्षण
दवापुस्तक में बताए लक्षण
ऐसिड फॉसघर जाने की तेज इच्छा; इच्छा पूरी न होने पर उदासी
कैप्सिकमबोर्डिंग हाउस में बच्चे का जी न लगना; रोना; माँ-बाप को याद करना

होम सिक्नेस के बारे में लोग ये भी पूछते हैं

1.home sickness क्या है

Home sickness kya hai

पुस्तक के अनुसार यह स्नायु संस्थान की कमजोरी के कारण होने वाला रोग है।

  • घर से बाहर रहने वाले को घर जाने की तेज इच्छा होती है।
  • इच्छा पूरी न हो तो वह उदास हो जाता है।
  • यह जानकारी पुस्तक के परिचय वाले हिस्से से है।
  • अध्याय का नाम होम-सिक्नेस है।

2.घर की याद आना किस कमजोरी से जुड़ा है

Ghar ki yaad aana kis kamzori se juda hai

पुस्तक इसे स्नायु संस्थान की कमजोरी से जोड़ती है।

  • रोग का कारण यही बताया गया है।
  • ऐसिड फॉस के साथ भी स्नायु संस्थान की कमजोरी का ज़िक्र है।
  • पुस्तक ने इसके अलावा कोई और कारण नहीं बताया।
  • जाँच के लिए अपने चिकित्सक से मिलना ज़रूरी है।

3.होम सिक्नेस के लक्षण क्या हैं

Home sickness ke lakshan kya hain

घर जाने की तेज इच्छा और इच्छा पूरी न होने पर उदासी मुख्य लक्षण हैं।

  • रोगी को घर जाने की तेज इच्छा होती है।
  • इच्छा पूरी न हो तो उदासी आती है।
  • पुस्तक के अनुसार इसके साथ कई और लक्षण भी हो सकते हैं।
  • बच्चों में रोना और माँ-बाप को याद करना दिखता है।

4.बच्चों में होम सिक्नेस कैसे दिखता है

Bachchon mein home sickness kaise dikhta hai

बोर्डिंग हाउस में भेजे गए बच्चे का जी नहीं लगता और वह रोता रहता है।

  • बच्चा खेलने की जगह कोने में बैठा रहता है।
  • वह माँ-बाप को याद करता रहता है।
  • ये लक्षण पुस्तक में कैप्सिकम के साथ लिखे हैं।
  • पुस्तक में शोक में डूबे बच्चे का भी ज़िक्र है।

5.घर जाने की तेज इच्छा हो तो पुस्तक में कौन-सी औषधि बताई गई है

Ghar jaane ki tez ichha ho to kaun si aushadhi batai gayi hai

पुस्तक में इस लक्षण के साथ ऐसिड फॉस का ज़िक्र है।

  • इच्छा पूरी न होने पर उदासी वाले रोगी के लिए यह बताई गई है।
  • पुस्तक इसे स्नायु संस्थान की कमजोरी से जोड़ती है।
  • शोक में डूबे बच्चे के लिए भी इसका ज़िक्र है।
  • औषधि अपने मन से न चुनें, चिकित्सक से पूछिए।

6.बोर्डिंग हाउस में बच्चे का जी न लगे तो कौन-सी औषधि बताई गई है

Boarding house mein bachche ka ji na lage to kaun si aushadhi

पुस्तक में ऐसे बच्चे के लिए कैप्सिकम का ज़िक्र है।

  • बच्चा लगातार रोता रहता है।
  • वह कोने में बैठा माँ-बाप को याद करता है।
  • पुस्तक में इसकी शक्ति 3 या 6 लिखी है।
  • खुराक के लिए अपने चिकित्सक से पूछिए।

7.घर की याद आने पर उदासी क्यों होती है

Ghar ki yaad aane par udasi kyon hoti hai

पुस्तक के अनुसार घर जाने की इच्छा पूरी न होने से रोगी उदास हो जाता है।

  • इच्छा तेज होती है।
  • पूरी न हो पाने पर उदासी आती है।
  • पुस्तक में कारण स्नायु संस्थान की कमजोरी बताया गया है।
  • यह बात पुस्तक के परिचय वाले हिस्से में है।

यह लेख कैसे बना

इस पुस्तक पर आधारित: होम्योपैथी प्रैक्टिस (Homeopathy Practice) — हिंदी बुक (पन्ना 33) — लेखक: डॉ. राजपाल लांबा

यह लेख होम्योपैथी प्रैक्टिस (Homeopathy Practice) — हिंदी बुक (डॉ. राजपाल लांबा) पर आधारित है, AI की मदद से तैयार किया गया और Health Today संपादक ने जाँचा।

हमारी संपादकीय नीति

अपने चिकित्सक को ज़रूर बताइए — सही पहचान के बाद ही सही औषधि चुनी जा सकती है।

यह लेख सिर्फ़ जानकारी के लिए है। यह डॉक्टर की सलाह, जाँच या इलाज की जगह नहीं है — कोई भी दवा अपने चिकित्सक से पूछकर ही लें।

अगला और मिलते-जुलते लेख

आगे पढ़ने के लिए

ये सिर्फ़ आगे पढ़ने के लिए हैं — सबूत नहीं।

यह लेख डॉ. राजपाल लांबा की किताब "होम्योपैथी प्रैक्टिस (Homeopathy Practice) — हिंदी बुक" (पन्ना 33) में दी गई जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है।

इस लेख का स्रोत

  1. होम्योपैथी प्रैक्टिस (Homeopathy Practice) — हिंदी बुक, Health Today Publicationक्यों जोड़ा: यह लेख इसी किताब के इन पन्नों से बना है।