होम्योपैथी बुक (Homeopathy Books)मन और दिमाग के रोग
ईर्ष्या की होम्योपैथिक दवा कौन-सी? 2 औषधियाँ ✅
ईर्ष्या की होम्योपैथिक दवा के बारे में पुस्तक क्या कहती है? एपिस और हायोसाएमस के लक्षण आसान भाषा में।
रमेश वर्माप्रकाशित: 4 नवंबर 2026
ईर्ष्या की होम्योपैथिक दवा के रूप में पुस्तक में 2 औषधियाँ बताई गई हैं: एपिस और हायोसाएमस। एपिस में रोगी ईर्ष्यालु हो जाता है और क्रोध ज़्यादा आता है। हायोसाएमस में रोगी बहुत संदेहशील होता है।
इस विषय पर वीडियो
चलाने पर YouTube का वीडियो खुलेगा।
वीडियो का पूरा पाठ
ईर्ष्या की होम्योपैथिक दवा कौन-सी है?
इस वीडियो में जानिए पुस्तक इस बारे में क्या बताती है।
पुस्तक के अनुसार मानसिक विकारों में ईर्ष्या मुख्य है।
यह आम भावना से कहीं गहरी बात है।
इसका मुख्य कारण संदेह बताया गया है।
संदेह से ही ईर्ष्या पैदा होती है।
ईर्ष्या से क्रोध भी उठता है।
तब रोगी झगड़ता है और गंदी बातें करता है।
इसलिए लक्षण पहचानना ज़रूरी है।
पुस्तक में सबसे पहले एपिस औषधि का नाम आता है।
इसके लक्षण बहुत साफ़ लिखे हैं।
रोगी ईर्ष्यालु हो जाता है और उसे शांत करना कठिन हो जाता है।
ईर्ष्या के कारण उसे क्रोध ज़्यादा आता है।
इन लक्षणों के लिए पुस्तक एपिस की 30 शक्ति का उपयोग बताती है।
दूसरी औषधि हायोसाएमस है, जिसके लक्षण अलग हैं।
इसमें रोगी बहुत संदेहशील हो जाता है।
कोई कितनी भी सफाई दे, वह फिर भी झगड़ता है।
कभी-कभी रोगी बिना कारण ठहाके लगाकर हँसता है।
इस पर पुस्तक हायोसाएमस की 30 शक्ति का उपयोग बताती है।
अगर रोगी किसी दूसरे को नुकसान पहुँचाने की कोशिश करे, तो देर न करें।
यह पुस्तक में बताया गया गंभीर लक्षण है।
अपने चिकित्सक को ज़रूर बताइए और ज़रूरत लगे तो अस्पताल जाइए।
यह जानकारी होम्योपैथी प्रैक्टिस, डॉ. राजपाल लांबा से ली गई है।
ईर्ष्या का मुख्य कारण संदेह है।
पुस्तक में लक्षण देखकर एपिस और हायोसाएमस का ज़िक्र है।
पूरा लेख पढ़िए, और औषधि से पहले चिकित्सक से बात कीजिए।
अपने चिकित्सक को ज़रूर बताइए — सही पहचान के बाद ही सही औषधि चुनी जा सकती है।
पूरी जानकारी description और comment box में दी गई है।
ईर्ष्या क्या है और पुस्तक क्या बताती है
ईर्ष्या (Jealousy) के बारे में पुस्तक कहती है कि मानसिक विकारों में यह मुख्य है। ईर्ष्या की होम्योपैथिक दवा जानने से पहले इसका कारण समझ लेना अच्छा है — पुस्तक के अनुसार इसका मुख्य कारण संदेह है।
संदेह से ईर्ष्या पैदा होती है और ईर्ष्या से क्रोध भी उठता है। पुस्तक में लिखा है कि ऐसे में रोगी झगड़ता है, गंदी बातें करता है और कपड़े उतार देता है।
ईर्ष्या कैसे बढ़ती है: संदेह से क्रोध तक
पुस्तक में यह पूरा सिलसिला एक के बाद एक बताया गया है।
- संदेह ईर्ष्या का मुख्य कारण है।
- संदेह से ईर्ष्या उठती है।
- ईर्ष्या से क्रोध पैदा होता है।
- क्रोध में रोगी झगड़ता है और गंदी बातें करता है।
ईर्ष्या में पुस्तक की औषधियाँ
पुस्तक में "विभिन्न औषधियों से चिकित्सा" के नीचे ये औषधियाँ दी गई हैं। हर औषधि के साथ उसके लक्षण और शक्ति पुस्तक की ही बात है।
एपिस
पुस्तक के अनुसार एपिस में रोगी ईर्ष्यालु हो जाता है और उसे शांत करना कठिन हो जाता है। ईर्ष्या के कारण उसे क्रोध भी ज़्यादा आता है।
इन लक्षणों के लिए पुस्तक में एपिस औषधि की 30 शक्ति का उपयोग बताया गया है।
हायोसाएमस (Hyoscyamus Niger)
हायोसाएमस में रोगी बड़ा संदेहशील स्वभाव का हो जाता है। पुस्तक के अनुसार कोई कितनी भी सफाई दे, रोगी फिर भी उससे झगड़ता है।
पुस्तक में यह भी लिखा है कि कभी-कभी रोगी बिना किसी कारण के ठहाके लगाकर हँसता है। इन लक्षणों के लिए हायोसाएमस की 30 शक्ति का उपयोग बताया गया है।
- रोगी बहुत संदेहशील हो जाता है।
- सफाई देने पर भी झगड़ता है।
- गंदी बातें करता है और कपड़े उतार देता है।
- कभी बिना कारण ठहाके लगाकर हँसता है।
लक्षण देखकर कौन-सी औषधि: पुस्तक की पहचान
पुस्तक में पहचान लक्षण से होती है। रोगी ईर्ष्यालु हो, शांत करना कठिन हो और क्रोध ज़्यादा आए, तब एपिस का ज़िक्र है। रोगी बहुत संदेहशील हो और सफाई के बाद भी झगड़े, तब हायोसाएमस का ज़िक्र है।
कब चिकित्सक को बताएँ
अगर रोगी दूसरे को नुकसान पहुँचाने की कोशिश करे, तो देर न करें और अपने चिकित्सक को ज़रूर बताइए। ज़रूरत लगे तो अस्पताल जाइए।
किताब से
रोगी ईर्ष्यालु हो जाता है, उसे शांत करना कठिन हो जाता है, उसे ईर्ष्या होने के कारण क्रोध अधिक आता है।
| दवा | पुस्तक में बताए लक्षण |
|---|---|
| एपिस | रोगी ईर्ष्यालु हो जाता है, शांत करना कठिन, क्रोध ज़्यादा |
| हायोसाएमस | रोगी बहुत संदेहशील, सफाई देने पर भी झगड़ता, कभी बिना कारण हँसता |
ईर्ष्या की होम्योपैथिक दवा पर लोग ये भी पूछते हैं
1.ईर्ष्या की होम्योपैथिक दवा कौन-सी है
Irshya ki homeopathic dawa kaun si hai
पुस्तक में ईर्ष्या के लिए एपिस और हायोसाएमस औषधि बताई गई हैं।
- दोनों के साथ पुस्तक में 30 शक्ति लिखी है।
- एपिस ईर्ष्यालु स्वभाव और ज़्यादा क्रोध के लक्षण पर है।
- हायोसाएमस बहुत संदेहशील स्वभाव के लक्षण पर है।
- औषधि लक्षण देखकर चुनी जाती है।
- चुनने से पहले अपने चिकित्सक को ज़रूर बताइए।
2.ईर्ष्या में कौन-सी होम्योपैथिक दवा देखी जाती है
Irshya mein kaun si homeopathic dawa dekhi jati hai
पुस्तक के अनुसार लक्षण देखकर एपिस या हायोसाएमस का ज़िक्र है।
- रोगी ईर्ष्यालु हो और शांत करना कठिन हो, तो एपिस।
- रोगी बहुत संदेहशील हो, तो हायोसाएमस।
- क्रोध ज़्यादा आना एपिस वाला लक्षण है।
- सफाई देने पर भी झगड़ना हायोसाएमस वाला लक्षण है।
3.ईर्ष्या का मुख्य कारण क्या है
Irshya ka mukhya karan kya hai
पुस्तक के अनुसार ईर्ष्या का मुख्य कारण संदेह है।
- मानसिक विकारों में ईर्ष्या मुख्य बताई गई है।
- संदेह के कारण ही ईर्ष्या पैदा होती है।
- ईर्ष्या से क्रोध भी उठता है।
- क्रोध में रोगी झगड़ता है।
4.ईर्ष्या से क्रोध कैसे पैदा होता है
Irshya se krodh kaise paida hota hai
पुस्तक में लिखा है कि संदेह से ईर्ष्या और ईर्ष्या से क्रोध पैदा होता है।
- पहले मन में संदेह आता है।
- संदेह से ईर्ष्या उठती है।
- फिर क्रोध आता है।
- क्रोध में रोगी झगड़ता और गंदी बातें करता है।
5.एपिस औषधि पुस्तक में किस लक्षण पर बताई गई है
Apis aushadhi pustak mein kis lakshan par batayi gayi hai
एपिस उस रोगी के लिए बताई गई है जो ईर्ष्यालु हो जाता है।
- रोगी को शांत करना कठिन हो जाता है।
- ईर्ष्या के कारण क्रोध ज़्यादा आता है।
- पुस्तक में इसकी 30 शक्ति का उपयोग लिखा है। यह पुस्तक की बात है, चुनाव चिकित्सक का है।
- पहले अपने चिकित्सक से बात कीजिए।
6.हायोसाएमस औषधि किस लक्षण पर बताई गई है
Hyoscyamus aushadhi kis lakshan par batayi gayi hai
हायोसाएमस उस रोगी के लिए बताई गई है जो बहुत संदेहशील हो जाता है।
- कोई कितनी भी सफाई दे, रोगी झगड़ता है।
- वह गंदी बातें करता है।
- कभी बिना कारण ठहाके लगाकर हँसता है।
- पुस्तक में इसकी 30 शक्ति का उपयोग लिखा है।
7.ईर्ष्या के लक्षण पुस्तक में क्या बताए गए हैं
Irshya ke lakshan pustak mein kya bataye gaye hain
पुस्तक में संदेह, क्रोध, झगड़ा और गंदी बातें करना लक्षण के रूप में आए हैं।
- रोगी ईर्ष्यालु हो जाता है।
- उसे शांत करना कठिन होता है।
- वह दूसरे को नुकसान पहुँचाने की कोशिश करता है।
- कपड़े उतार देना भी लिखा है।
यह लेख कैसे बना
इस पुस्तक पर आधारित: होम्योपैथी प्रैक्टिस (Homeopathy Practice) — हिंदी बुक (पन्ना 24) — लेखक: डॉ. राजपाल लांबा
यह लेख होम्योपैथी प्रैक्टिस (Homeopathy Practice) — हिंदी बुक (डॉ. राजपाल लांबा) पर आधारित है, AI की मदद से तैयार किया गया और Health Today संपादक ने जाँचा।
अपने चिकित्सक को ज़रूर बताइए — सही पहचान के बाद ही सही औषधि चुनी जा सकती है।
यह लेख सिर्फ़ जानकारी के लिए है। यह डॉक्टर की सलाह, जाँच या इलाज की जगह नहीं है — कोई भी दवा अपने चिकित्सक से पूछकर ही लें।
अगला और मिलते-जुलते लेख
अगला लेख
नींद न आना क्यों होता है? पुस्तक की 9 औषधियाँ ✅किताब के index में अगला विषय
मिलता-जुलता लेख
चक्कर आना क्यों होता है? पुस्तक की 13 औषधियाँ ✅इसी विषय पर
मिलता-जुलता लेख
मानसिक-आघात होना: पुस्तक में कौन-सी 4 औषधियाँ? ✅इसी विषय पर
मिलता-जुलता लेख
नर्वस सिर दर्द के लक्षण क्या हैं? 5 दवाएँ पुस्तक से ✅इसी विषय पर
आगे पढ़ने के लिए
ये सिर्फ़ आगे पढ़ने के लिए हैं — सबूत नहीं।
यह लेख डॉ. राजपाल लांबा की किताब "होम्योपैथी प्रैक्टिस (Homeopathy Practice) — हिंदी बुक" (पन्ना 24) में दी गई जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है।
इस लेख का स्रोत
- होम्योपैथी प्रैक्टिस (Homeopathy Practice) — हिंदी बुक, Health Today Publicationक्यों जोड़ा: यह लेख इसी किताब के इन पन्नों से बना है।
