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लू लगने पर क्या करें? ✅
लू लगने पर क्या करें, यह पुस्तक के अनुसार आसान भाषा में जानिए: लक्षण, औषधियों का ज़िक्र और ज़रूरी बातें।
रमेश वर्माप्रकाशित: 4 नवंबर 2026
लू लगने पर पुस्तक के अनुसार रोगी को छाया वाली जगह ले जाना चाहिए, हवा करते रहना चाहिए और होश आने पर पानी या नमक-चीनी का घोल पिलाना चाहिए। पुस्तक में जेलसीमियम और नैट्रम-कार्ब का ज़िक्र भी है।
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लू लगने पर क्या करें?
पुस्तक की 0 औषधियाँ ✅
तेज धूप में लू लगने के लक्षण हों, तो पुस्तक के अनुसार रोगी को छाया वाली जगह ले जाइए।
फिर पानी से भिगोए कपड़े शरीर पर लपेटें और हवा करते रहें।
लू लगने पर सिर में दर्द, चक्कर, जी मिचलाना, उल्टी, कमजोरी और आंखों से कम दिखाई देना जैसे लक्षण पुस्तक में बताए गए हैं।
बेहोशी छा जाए तो देर न करें।
भरोसेमंद स्रोत बचाव के लिए पानी और तरल चीज़ें पीते रहने और तेज गर्मी में कम समय बिताने की बात बताते हैं।
होश आने पर पानी या नमक-चीनी का घोल पिलाएँ।
यह जानकारी होम्योपैथी प्रैक्टिस, डॉ. राजपाल लांबा से ली गई है।
अपने चिकित्सक को ज़रूर बताइए — सही पहचान के बाद ही सही औषधि चुनी जा सकती है।
पूरी जानकारी description और comment box में दी गई है।
लू लगना क्या है और पुस्तक में कौन-से लक्षण बताए गए हैं
लू लगना (SUN-STROKE) तब होता है जब कोई व्यक्ति तेज धूप में घूमे या दूसरी तरह की गर्मी झेले। लू लगने पर क्या करें, यह जानने से पहले पुस्तक में बताए लक्षण समझ लेना ज़रूरी है।
पुस्तक के अनुसार लू लगने के कारण नीचे लिखे लक्षण हो सकते हैं।
- सिर में दर्द होना और चक्कर आना
- पेट के ऊपर के हिस्से में दर्द होना
- जी मिचलाना या उल्टी होना
- त्वचा का बिल्कुल रूखी हो जाना
- कमजोरी लगना
- आंखों से कम दिखाई देना
- नाक से जोर की आवाज़ के साथ बेहोशी छा जाना
- सांस बंद सी होना
- बार-बार पेशाब का रुक जाना
लू लगने पर पुस्तक में बताई गई औषधियाँ
पुस्तक में लू लगने के लक्षणों के साथ कुछ औषधियों का ज़िक्र किया गया है। नीचे हर औषधि के साथ वही बात लिखी है जो पुस्तक में बताई गई है।
कौन-सी औषधि किस लक्षण पर: पुस्तक की बात
लक्षण देखकर औषधि पहचानने की बात पुस्तक में इस तरह बताई गई है।
- गहरी नींद जैसी हालत हो, तो पुस्तक में जेलसीमियम का ज़िक्र है
- लू के बाद के पुराने लक्षण और तेज गर्मी से सिर दर्द हो, तो नैट्रम-कार्ब का ज़िक्र है
- तेज धूप से कमजोरी के साथ सिर दर्द हो, तो भी नैट्रम-कार्ब का ज़िक्र है
लू लगने पर पुस्तक में बताई गई ज़रूरी बातें
औषधि के साथ पुस्तक में कुछ सीधी बातें भी लिखी हैं, जो तेज धूप में लू के लक्षण होने पर काम की हैं।
सांस रुकती हो या बेहोशी छा जाए तो देर न करें, अपने चिकित्सक को ज़रूर बताइए।
- रोगी को किसी छाया वाली जगह पर ले जाना चाहिए
- कपड़े उतारकर पानी से भिगोए हुए कपड़े शरीर पर लपेट देने चाहिए
- रोगी को हवा करते रहना चाहिए
- शरीर का तापमान कम होने पर गीले कपड़े हटा दें, पर हवा करना जारी रखें
- होश में आने के बाद पानी या नमक-चीनी का घोल पिलाते रहें
किताब से
अगर रोगी को ज्यादा तेज धूप में रहने के कारण लू लगने के लक्षण पैदा हो जाते हैं तो ऐसे रोगी को किसी छाया वाली जगह पर ले जाना चाहिए।
| दवा | पुस्तक में बताए लक्षण |
|---|---|
| जेलसीमियम | लू लगने के साथ गहरी नींद जैसी हालत |
| नैट्रम-कार्ब | लू के बाद पुराने लक्षण, तेज गर्मी से सिर दर्द, कमजोरी |
गीले कपड़े हटाने के बाद भी हवा करें
पुस्तक के अनुसार शरीर का तापमान कम हो जाए तो गीले कपड़े हटा दें, पर हवा करना जारी रखें।
- पहले रोगी को छाया वाली जगह ले जाया जाता है।
- फिर पानी से भिगोए कपड़े शरीर पर लपेटने की बात है।
- रोगी को हवा करते रहना चाहिए।
- तापमान कम होने पर गीले कपड़े हटाएँ, हवा जारी रखें।
होश आने के बाद पानी या नमक-चीनी का घोल
पुस्तक के अनुसार रोगी के होश में आने के बाद उसे पानी या नमक-चीनी का घोल पिलाते रहना चाहिए।
- यह बात पुस्तक के 'जानकारी' वाले हिस्से में लिखी है।
- पानी या नमक-चीनी का घोल, दोनों का नाम आता है।
- होश आने से पहले कुछ पिलाने की बात पुस्तक में नहीं है।
भरोसेमंद स्रोतों से जानकारी
- गर्मी से होने वाली दिक़्क़तों से बचने के लिए पानी और तरल चीज़ें पीते रहना और तेज गर्मी में कम समय बिताना बताया गया है। (स्रोत: अमेरिका का राष्ट्रीय स्वास्थ्य संस्थान)
लू लगने पर लोग ये भी पूछते हैं
1.लू लगने पर क्या करें
lu lagne par kya karen
पुस्तक के अनुसार रोगी को सबसे पहले छाया वाली जगह पर ले जाना चाहिए।
- तेज धूप में रहने से लू के लक्षण हों तो छाया में ले जाएँ।
- कपड़े उतारकर पानी से भिगोए हुए कपड़े शरीर पर लपेटें।
- रोगी को हवा करते रहें।
- तापमान कम होने पर गीले कपड़े हटाएँ, हवा जारी रखें।
- होश आने के बाद पानी या नमक-चीनी का घोल पिलाते रहें।
2.लू लगने के लक्षण क्या होते हैं
lu lagne ke lakshan kya hote hain
पुस्तक में सिर दर्द, चक्कर, जी मिचलाना और कमजोरी जैसे लक्षण बताए गए हैं।
- सिर में दर्द होता है और चक्कर आता है।
- पेट के ऊपर के हिस्से में दर्द होता है।
- जी मिचलाता है या उल्टी होती है।
- त्वचा बिल्कुल रूखी हो जाती है।
- आंखों से कम दिखता है और बेहोशी छा सकती है।
3.लू लगने पर पुस्तक में कौन-सी औषधि बताई गई है
lu lagne par pustak mein kaun si aushadhi batai gayi hai
पुस्तक में इस विषय में जेलसीमियम और नैट्रम-कार्ब का ज़िक्र है।
- जेलसीमियम का ज़िक्र गहरी नींद जैसी हालत के साथ है।
- नैट्रम-कार्ब का ज़िक्र पुराने लक्षणों के साथ है।
- नैट्रम-कार्ब का ज़िक्र तेज गर्मी से सिर दर्द के साथ भी है।
- औषधि चुनना लक्षण देखकर ही होता है।
- अपने चिकित्सक को ज़रूर बताइए।
4.जेलसीमियम किस लक्षण पर बताई गई है
gelsemium kis lakshan par batai gayi hai
पुस्तक के अनुसार गहरी नींद जैसी हालत होने पर जेलसीमियम का ज़िक्र है।
- यह बात लू लगने के कारण होने वाले लक्षणों के साथ लिखी है।
- दूसरे लक्षण भी साथ में हो सकते हैं।
- पुस्तक में इसके साथ लाभ मिलने की बात लिखी है।
- लक्षण साफ़ न हों तो चिकित्सक से पूछें।
5.नैट्रम-कार्ब किस हालत में बताई गई है
natrum carb kis halat mein batai gayi hai
पुस्तक में लू के बाद के पुराने लक्षणों और तेज गर्मी से सिर दर्द में इसका ज़िक्र है।
- तेज धूप से बहुत कमजोरी लगे तो इसका ज़िक्र है।
- साथ में सिर दर्द हो तब भी इसका ज़िक्र है।
- आंधी वगैरह से उत्तेजना होने पर भी इसका ज़िक्र है।
- पुस्तक में इसकी 6 शक्ति का ज़िक्र किया गया है।
6.लू लगे व्यक्ति को होश आने के बाद क्या पिलाना चाहिए
lu lage vyakti ko hosh aane ke baad kya pilana chahiye
पुस्तक के अनुसार होश आने के बाद पानी या नमक-चीनी का घोल पिलाते रहना चाहिए।
- यह बात पुस्तक की जानकारी वाले हिस्से में लिखी है।
- हवा करना भी जारी रखना चाहिए।
- रोगी को छाया में रखना चाहिए।
- हालत बिगड़े तो देर न करें।
- अपने चिकित्सक को ज़रूर बताइए।
7.लू लगने पर चक्कर और सिर दर्द के साथ और कौन-से लक्षण पुस्तक में हैं
Lu lagne par chakkar aur sir dard ke sath aur kaun se lakshan pustak mein hain
पुस्तक में तेज़ धूप से सिर दर्द और चक्कर के साथ पेट के ऊपरी हिस्से में दर्द, जी मिचलाना और कमज़ोरी भी लिखी है।
- पेट के ऊपर के भाग में दर्द हो सकता है।
- जी मिचलाना या उल्टी होना लिखा है।
- त्वचा बिल्कुल रूखी-सी हो जाती है।
- आंखों से कम दिखना और कमज़ोरी भी बताई गई है।
- बेहोशी, सांस बंद-सी लगना और पेशाब रुकना भी लिखा है।
8.लू लगने पर गीले कपड़े कब हटाने चाहिए
Lu lagne par gile kapde kab hatane chahiye
पुस्तक के अनुसार शरीर का तापमान कम हो जाए तब गीले कपड़े हटा दें, पर हवा करना जारी रखें।
- पहले कपड़े उतारकर पानी से भिगोए कपड़े लपेटने की बात है।
- रोगी को लगातार हवा करते रहना चाहिए।
- तापमान कम होने पर गीले कपड़े हटाए जाते हैं।
- तब भी हवा करना बंद नहीं करना चाहिए।
यह लेख कैसे बना
इस पुस्तक पर आधारित: होम्योपैथी प्रैक्टिस (Homeopathy Practice) — हिंदी बुक (पन्ना 660–661) — लेखक: डॉ. राजपाल लांबा
यह लेख होम्योपैथी प्रैक्टिस (Homeopathy Practice) — हिंदी बुक (डॉ. राजपाल लांबा) पर आधारित है, AI की मदद से तैयार किया गया और Health Today संपादक ने जाँचा।
अपने चिकित्सक को ज़रूर बताइए — सही पहचान के बाद ही सही औषधि चुनी जा सकती है।
यह लेख सिर्फ़ जानकारी के लिए है। यह डॉक्टर की सलाह, जाँच या इलाज की जगह नहीं है — कोई भी दवा अपने चिकित्सक से पूछकर ही लें।
आगे पढ़ने के लिए
ये सिर्फ़ आगे पढ़ने के लिए हैं — सबूत नहीं।
यह लेख डॉ. राजपाल लांबा की किताब "होम्योपैथी प्रैक्टिस (Homeopathy Practice) — हिंदी बुक" (पन्ना 661) में दी गई जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है।
इस लेख का स्रोत
- होम्योपैथी प्रैक्टिस (Homeopathy Practice) — हिंदी बुक, Health Today Publicationक्यों जोड़ा: यह लेख इसी किताब के इन पन्नों से बना है।
