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चक्कर आना क्यों होता है? पुस्तक की 13 औषधियाँ ✅

चक्कर आना यानी स्थिर होते हुए भी सिर घूमता लगना। पुस्तक के अनुसार कारण, लक्षण और औषधियों का ज़िक्र यहाँ आसान शब्दों में पढ़िए।

रमेश वर्माप्रकाशित: 4 नवंबर 2026

चक्कर आना वह हालत है, जब स्थिर होते हुए भी रोगी को लगता है कि उसका सिर या आसपास की चीज़ें घूम रही हैं। पुस्तक के अनुसार इसके कारण गर्दन, कान और रक्त चाप से जुड़े हो सकते हैं। पुस्तक में 13 औषधियों का ज़िक्र है।

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अचानक चक्कर आना और सिर घूमता लगना डराता है।

अगले दो मिनट में समझिए कारण, लक्षण और पुस्तक की बातें।

चक्कर आना वह हालत है जब आप स्थिर हैं, फिर भी लगता है कि सिर घूम रहा है।

आसपास की चीज़ें भी घूमती दिखती हैं।

पुस्तक के अनुसार यह हालत लगभग तीस सेकण्ड में मिट जाती है।

चक्कर बार-बार आए, तो इसे हल्के में न लें।

पुस्तक में गर्दन का दर्द, कान का दर्द या कान से पीब बहना, और उच्च रक्त चाप को चक्कर के कारण बताया गया है।

ध्यान दीजिए चक्कर कब आता है।

उठते समय, ऊपर देखते समय, करवट बदलते समय या आँखें बंद करने पर।

यह पहचान काम की है।

पुस्तक के अनुसार बस, गाड़ी या पहाड़ पर चढ़ने से भी चक्कर आ सकता है।

ऐसे में कौक्कयुलस औषधि का ज़िक्र पुस्तक में है।

लेटे या बैठे से अचानक न उठें, आराम से उठें।

अपनी स्थिति नोट कर लें और अपने चिकित्सक को बताइए।

पहली बार चक्कर आए, या साथ में दोहरी नज़र, लड़खड़ाती ज़बान या तालमेल खोना हो, तो तुरंत एक सौ आठ पर कॉल करें या अस्पताल जाइए।

चक्कर बार-बार आए या बढ़ता जाए, तो देर न करें।

अपने डॉक्टर को पूरी बात बताइए।

यह जानकारी होम्योपैथी प्रैक्टिस, डॉ. राजपाल लांबा से ली गई है।

चक्कर आने के कारण और लक्षण पहचानिए, कब आता है यह ध्यान रखिए, और ज़रूरत हो तो चिकित्सक से मिलिए।

पूरा लेख पढ़िए।

अपने चिकित्सक को ज़रूर बताइए — सही पहचान के बाद ही सही औषधि चुनी जा सकती है।

पूरी जानकारी description और comment box में दी गई है।

चक्कर आना क्या है?

चक्कर आना (VERTIGO) उस हालत को कहते हैं, जब रोगी को लगता है कि उसका सिर घूम रहा है, जबकि वह स्थिर हालत में होता है।

पुस्तक के अनुसार रोगी खुद को चक्कर खाते या आसपास की चीज़ों को घूमता हुआ देखता है। यह हालत लगभग 30 सेकण्ड में मिट जाती है।

चक्कर आने के कारण

पुस्तक में चक्कर आने के ये कारण बताए गए हैं:

  • गर्दन में दर्द होना।
  • कान में दर्द या कान से पीब बहना।
  • शरीर में उच्च रक्त चाप होना।
  • मैनिया रोग, कान में जलन तथा डर लगना।
  • धमनियों का कठोर हो जाना।
  • सर्विकल स्पाडोलाइसिस की वजह से स्नायुओं पर दबाव पड़ना।

लक्षण देखकर औषधि की पहचान

पुस्तक में हर औषधि के साथ यह बताया गया है कि चक्कर किस हालत में आता है। नीचे वही बातें आसान शब्दों में हैं।

  • सिर के पीछे चक्कर आए और नीचे की गति में आए, तो पुस्तक में जेल्सीमियम का ज़िक्र है।
  • ऊपर देखने या ऊँचाई पर चढ़ने से चक्कर आए, तो पुस्तक में कैलकेरिया कार्ब का ज़िक्र है।
  • सोकर उठने या करवट बदलने पर चक्कर आए, तो पुस्तक में बेलाडोना का ज़िक्र है।
  • लेटी हालत से उठने पर या हाथ-पैर चलाने से चक्कर आए, तो पुस्तक में ब्रायोनिया का ज़िक्र है।
  • आँखें बंद करने पर चक्कर आए, तो पुस्तक में थेरीडियन का ज़िक्र है।
  • बस या गाड़ी में चढ़ने पर चक्कर आए, तो पुस्तक में कौक्कयुलस का ज़िक्र है।

पुस्तक में बताई गई औषधियाँ

नीचे हर औषधि के लक्षण वैसे ही हैं जैसे पुस्तक में लिखे हैं। शक्ति के अंक भी पुस्तक के हैं।

जेल्सीमियम (Gelsemium Sempervirens)

पुस्तक के अनुसार जब रोगी के सिर के पीछे चक्कर आता है और चक्कर नीचे की गति में आता है, तब जेल्सीमियम औषधि का प्रयोग बताया गया है।

पुस्तक में इसकी 6 या 30 शक्ति लिखी है।

फॉसफोरस (Phosphorus)

पुस्तक में बताया गया है कि किसी भी तरह का चक्कर आए, तो फॉसफोरस औषधि की 30 शक्ति का ज़िक्र है।

स्नायुविक चक्कर के लिए भी इसका नाम आता है। पुस्तक के अनुसार ऐसा चक्कर स्नायुविक कमज़ोरी या खाली पेट रहने से हो सकता है।

नैट्रम म्यूर (Natrum Muriaticum)

पुस्तक के अनुसार रोगी बैठी हालत में हो और तभी चक्कर आए, साथ में कब्ज भी हो, तो नैट्रम म्यूर का ज़िक्र है।

आँखें बंद करने पर दिन हो या रात पसीना आने का लक्षण भी इसके साथ लिखा है। पुस्तक में इसकी 30 शक्ति बताई गई है।

कैलकेरिया कार्ब

पुस्तक के अनुसार ऊपर देखने या ऊँचाई पर चढ़ने से चक्कर आता हो, तो कैलकेरिया कार्ब औषधि की 30 शक्ति का प्रयोग बताया गया है।

बेलाडोना (Belladonna)

पुस्तक के अनुसार सोकर उठने पर चक्कर आए या बिस्तर पर करवट बदलते समय चक्कर आए, तो बेलाडोना औषधि की 30 शक्ति का ज़िक्र है।

कोनायम (Conium Maculatum)

पुस्तक में लिखा है कि बैठी हालत से लेटने या उठने पर चक्कर आए, तो कोनायम औषधि की 30 शक्ति का प्रयोग बताया गया है।

वृद्ध व्यक्ति तंबाकू का सेवन करते हों और उन्हें चक्कर आए, तो भी पुस्तक में कोनायम का नाम आता है।

किसी चीज़ को एकटक देखने पर लगे कि वह गोलाई में घूम रही है, यह लक्षण भी इसी के साथ लिखा है।

ऊपर से नीचे जाने या करवट बदलने पर चक्कर आए, साथ में ज़्यादा कमज़ोरी लगे और सोने का मन करे, तब भी पुस्तक में इसी औषधि का ज़िक्र है।

चायना (China Officinalis)

पुस्तक के अनुसार खून बह जाने या शरीर में ज़्यादा कमज़ोरी होने की वजह से चक्कर आए, तो चायना औषधि की 30 शक्ति का ज़िक्र है।

ब्रायोनिया (Bryonia Alba)

पुस्तक के अनुसार लेटी हालत से उठने पर तथा हाथ-पैर चलाने से चक्कर आए, तो ब्रायोनिया औषधि की 30 शक्ति का प्रयोग बताया गया है।

कौक्कयुलस (Cocculus)

पुस्तक में लिखा है कि स्नायुओं की उत्तेजना की वजह से सिर की गुद्दी में दर्द और चक्कर हो, तो कौक्कयुलस औषधि की 3 या 30 शक्ति का ज़िक्र है।

बस या गाड़ी में चढ़ने पर और पहाड़ों पर चढ़ने से चक्कर आने पर भी पुस्तक में इसी औषधि का नाम आता है।

फेरम मेट (Ferrum Metallicum)

पुस्तक के अनुसार शरीर में खून की कमी की वजह से चक्कर आए, या बैठे-लेटे से उठकर खड़े होने पर और पहाड़ी से नीचे जाते समय चक्कर आए, तो फेरम मेट औषधि की 30 शक्ति का ज़िक्र है।

थेरीडियन

पुस्तक के अनुसार जब रोगी आँखें बंद करता है तब उसे चक्कर आने लगता है। इस लक्षण के लिए थेरीडियन औषधि की 30 शक्ति का ज़िक्र है।

ऐम्ब्रा ग्रीसिया

पुस्तक में वृद्ध व्यक्ति के चक्कर के लिए ऐम्ब्रा ग्रीसिया औषधि की 3 शक्ति का प्रयोग बताया गया है।

अर्जेन्टम नाइट्रिकम (Argentum Nitricum)

पुस्तक के अनुसार रोगी गली में चलते हुए सोचता है कि सामने के मकान उस पर गिर न जाएँ, और इसी सोच से चक्कर आने लगता है। बहता पानी देखकर भी चक्कर आ सकता है।

इस लक्षण के लिए अर्जेन्टम नाइट्रिकम औषधि की 3 या 30 शक्ति का ज़िक्र है।

चक्कर आए तो सावधानी

यह जानकारी पुस्तक से सीखने के लिए है। चक्कर बार-बार आए या साथ में दिक़्क़त बढ़े, तो देर न करें, अपने चिकित्सक को ज़रूर बताइए।

किताब से

रोगी स्वयं को चक्कर खाते या अपने आस-पास की वस्तुओं को घूमता हुआ देखता है।
होम्योपैथी प्रैक्टिस (Homeopathy Practice) — हिंदी बुक, पन्ना 43
लक्षण के हिसाब से औषधि का ज़िक्र
दवापुस्तक में बताए लक्षण
जेल्सीमियमसिर के पीछे चक्कर, नीचे की गति में
कैलकेरिया कार्बऊपर देखने या ऊँचाई पर चढ़ने से
बेलाडोनासोकर उठने या करवट बदलने पर
ब्रायोनियालेटी हालत से उठने, हाथ-पैर चलाने पर
थेरीडियनआँखें बंद करने पर
कौक्कयुलसबस या गाड़ी में चढ़ने पर, गुद्दी में दर्द

भरोसेमंद स्रोतों से जानकारी

  • वर्टिगो घूमने या हिलने का झूठा एहसास है, जो सिर के हल्केपन से अलग है। (स्रोत: अमेरिका का राष्ट्रीय स्वास्थ्य संस्थान)
  • पहली बार चक्कर आए, या साथ में दोहरी नज़र, लड़खड़ाती ज़बान या तालमेल खोने जैसी बात हो, तो तुरंत आपात सेवा को बुलाने की सलाह दी जाती है। (स्रोत: अमेरिका का राष्ट्रीय स्वास्थ्य संस्थान)

चक्कर आना: लोग ये भी पूछते हैं

1.चक्कर आना क्या होता है

chakkar ana kya hota hai

रोगी को लगता है कि उसका सिर घूम रहा है, जबकि वह स्थिर होता है। इसे पुस्तक में चक्कर आना कहा गया है।

  • रोगी खुद को चक्कर खाते हुए देखता है।
  • आसपास की चीज़ें घूमती हुई लगती हैं।
  • यह तब भी लगता है जब रोगी स्थिर हालत में हो।
  • पुस्तक के अनुसार यह हालत लगभग 30 सेकण्ड में मिट जाती है।

2.चक्कर आने के कारण क्या हैं

chakkar aane ke karan kya hain

पुस्तक में गर्दन और कान की दिक़्क़त, उच्च रक्त चाप और धमनियों के कठोर होने को कारण बताया गया है।

  • गर्दन में दर्द होने पर चक्कर आ सकता है।
  • कान में दर्द या कान से पीब बहने पर चक्कर आ सकता है।
  • उच्च रक्त चाप होने पर चक्कर आने लगता है।
  • मैनिया रोग, कान में जलन और डर लगने से भी चक्कर आ सकता है।
  • सर्विकल स्पाडोलाइसिस से स्नायुओं पर दबाव पड़ना भी कारण लिखा है।

3.चक्कर आना कितनी देर में मिटता है

chakkar ana kitni der mein mitta hai

पुस्तक के अनुसार यह हालत लगभग 30 सेकण्ड में मिट जाती है।

  • यह बात पुस्तक के परिचय वाले हिस्से में लिखी है।
  • इस दौरान रोगी को लगता है कि सिर घूम रहा है।
  • चक्कर बार-बार आए तो अपने चिकित्सक को बताना ज़रूरी है।
  • हर रोगी का हाल अलग हो सकता है।

4.उठने पर चक्कर आए तो पुस्तक में कौन-सी औषधि बताई गई है

uthne par chakkar aaye to pustak mein kaun si aushadhi batai gayi hai

पुस्तक में लक्षण के हिसाब से अलग-अलग औषधियों का ज़िक्र है, जैसे कोनायम, ब्रायोनिया और फेरम मेट।

  • बैठी हालत से लेटने या उठने पर चक्कर के साथ कोनायम का नाम आता है।
  • लेटी हालत से उठने और हाथ-पैर चलाने पर ब्रायोनिया का ज़िक्र है।
  • बैठे-लेटे से खड़े होने पर चक्कर के साथ फेरम मेट का नाम लिखा है।
  • सोकर उठने या करवट बदलने पर बेलाडोना का ज़िक्र है।
  • हर औषधि के साथ पुस्तक में उसकी शक्ति भी लिखी है।

5.ऊँचाई पर चढ़ने से चक्कर आए तो पुस्तक में क्या बताया गया है

unchai par chadhne se chakkar aaye to pustak mein kya bataya gaya hai

पुस्तक में ऊपर देखने या ऊँचाई पर चढ़ने से आने वाले चक्कर के साथ कैलकेरिया कार्ब का ज़िक्र है।

  • कैलकेरिया कार्ब के साथ पुस्तक में 30 शक्ति लिखी है।
  • पहाड़ों पर चढ़ने से चक्कर आने पर कौक्कयुलस का नाम आता है।
  • पहाड़ी से नीचे जाते समय चक्कर के साथ फेरम मेट का ज़िक्र है।
  • ऊँचाई से जुड़े लक्षण पुस्तक में अलग-अलग औषधियों के साथ लिखे हैं।

6.आँखें बंद करने पर चक्कर आए तो पुस्तक में कौन-सी औषधि का ज़िक्र है

aankhen band karne par chakkar aaye to pustak mein kaun si aushadhi ka zikr hai

पुस्तक के अनुसार आँखें बंद करने पर चक्कर आने के लक्षण के साथ थेरीडियन का ज़िक्र है।

  • थेरीडियन के साथ पुस्तक में 30 शक्ति लिखी है।
  • आँखें बंद करने पर पसीना आने के लक्षण में नैट्रम म्यूर का नाम आता है।
  • एकटक देखने पर चीज़ें घूमती लगें, तो कोनायम का ज़िक्र है।
  • हर लक्षण पुस्तक में अलग से लिखा है।

7.बस या गाड़ी में चढ़ने पर चक्कर आए तो पुस्तक में कौन-सी औषधि बताई गई है

bus ya gaadi mein chadhne par chakkar aaye to pustak mein kaun si aushadhi batai gayi hai

पुस्तक में बस, गाड़ी, नाव या जहाज़ पर चढ़ने के बाद जी मिचलाने और चक्कर के लक्षण के साथ कौक्कयुलस का ज़िक्र है।

  • कौक्कयुलस के साथ पुस्तक में 3 या 30 शक्ति लिखी है।
  • सिर की गुद्दी में दर्द के साथ चक्कर होने पर भी इसी का नाम आता है।
  • पहाड़ों पर चढ़ने से चक्कर आने पर भी इसका ज़िक्र है।
  • यह सब पुस्तक में लिखी बातें हैं।

8.वृद्ध व्यक्ति को चक्कर आए तो पुस्तक में क्या लिखा है

vriddh vyakti ko chakkar aaye to pustak mein kya likha hai

पुस्तक में वृद्ध व्यक्ति के चक्कर के साथ ऐम्ब्रा ग्रीसिया और कोनायम का नाम आता है।

  • ऐम्ब्रा ग्रीसिया के साथ पुस्तक में 3 शक्ति लिखी है।
  • तंबाकू का सेवन करने वाले वृद्ध के चक्कर में कोनायम का ज़िक्र है।
  • कोनायम के साथ पुस्तक में 30 शक्ति लिखी है।
  • वृद्ध व्यक्ति को बार-बार चक्कर आए तो अपने चिकित्सक को ज़रूर बताइए।

यह लेख कैसे बना

इस पुस्तक पर आधारित: होम्योपैथी प्रैक्टिस (Homeopathy Practice) — हिंदी बुक (पन्ना 43–46) — लेखक: डॉ. राजपाल लांबा

यह लेख होम्योपैथी प्रैक्टिस (Homeopathy Practice) — हिंदी बुक (डॉ. राजपाल लांबा) पर आधारित है, AI की मदद से तैयार किया गया और Health Today संपादक ने जाँचा।

हमारी संपादकीय नीति

अपने चिकित्सक को ज़रूर बताइए — सही पहचान के बाद ही सही औषधि चुनी जा सकती है।

यह लेख सिर्फ़ जानकारी के लिए है। यह डॉक्टर की सलाह, जाँच या इलाज की जगह नहीं है — कोई भी दवा अपने चिकित्सक से पूछकर ही लें।

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ये सिर्फ़ आगे पढ़ने के लिए हैं — सबूत नहीं।

यह लेख डॉ. राजपाल लांबा की किताब "होम्योपैथी प्रैक्टिस (Homeopathy Practice) — हिंदी बुक" (पन्ना 43) में दी गई जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है।

इस लेख का स्रोत

  1. होम्योपैथी प्रैक्टिस (Homeopathy Practice) — हिंदी बुक, Health Today Publicationक्यों जोड़ा: यह लेख इसी किताब के इन पन्नों से बना है।