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बाल झड़ने की होम्योपैथिक दवा कौन-सी? 8 सवाल-जवाब ✅
बाल झड़ने की होम्योपैथिक दवा जानना चाहते हैं? पुस्तक में रूसी, खुश्की और अलग-अलग जगह के बाल झड़ने के लक्षणों के हिसाब से औषधियाँ बताई गई हैं।
रमेश वर्माप्रकाशित: 17 अक्टूबर 2026
बाल झड़ने की होम्योपैथिक दवा लक्षण के हिसाब से अलग-अलग बताई गई है। पुस्तक में रूसी, खुश्की, भौंहों और दाढ़ी के बाल झड़ने जैसी स्थितियों के लिए अलग औषधियों के नाम दिए गए हैं।
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कंघी करते ही बाल गिर रहे हैं?
जानिए पुस्तक में किन लक्षणों पर कौन-सी दवा का नाम बताया गया है।
बाल झड़ने के लिए पुस्तक में एक ही दवा नहीं बताई गई है।
लक्षण के हिसाब से अलग-अलग दवाओं के नाम और शक्ति दी गई है।
यह जानकारी पुस्तक की है।
पहले देखिए कि बाल कहाँ से झड़ रहे हैं और साथ में क्या दिक़्क़त है।
रूसी है, खुश्की है, या दाढ़ी के बाल झड़ रहे हैं।
पुस्तक इसी हिसाब से दवा का नाम बताती है।
सिर में रूसी, खुश्की या पपड़ी के साथ बाल झड़ें, तो पुस्तक में मेजेरियम, कैलि-कार्ब और थूजा का नाम आता है।
साथ में हर समय खुजली हो तो भी मेजेरियम का ज़िक्र है।
भौंहों या मूछों के बाल झड़ने पर पुस्तक में सेलेनियम का नाम आता है।
दाढ़ी के बाल झड़ने पर एनेथेरम बताई गई है।
दोनों के साथ शक्ति भी लिखी है।
बाल उम्र से पहले सफेद हो जाएँ या चिंता के कारण झड़ें, तो पुस्तक में ऐसिड फास का नाम बताया गया है।
साथ में उसकी 30 शक्ति भी लिखी है।
बाल झड़ने के साथ सिर पर पीब वाली फुंसियाँ निकल आएँ, तो पुस्तक में नाइट्रिक ऐसिड बताया गया है।
गर्भावस्था में बाल झड़ने पर नैट्रम-म्यूर का ज़िक्र है।
बाल बहुत तेज़ी से झड़ें या कम उम्र में झड़ने लगें, तो पुस्तक की दवा देखने से पहले डॉक्टर से ज़रूर मिलिए।
बाल झड़ने के साथ दर्द या खुजली हो, तो देर न करें।
पहले डॉक्टर से कारण जानना ज़रूरी है।
ज़रूरत लगे तो अस्पताल जाइए।
यह जानकारी होम्योपैथी प्रैक्टिस, डॉ. राजपाल लांबा से ली गई है।
याद रखिए, पुस्तक में दवा लक्षण के हिसाब से बताई गई है।
कोई भी दवा लेने से पहले अपने चिकित्सक से सलाह लीजिए।
हर दवा की पूरी बात लेख में है, पूरा लेख पढ़िए।
अपने चिकित्सक को ज़रूर बताइए — सही पहचान के बाद ही सही औषधि चुनी जा सकती है।
पूरी जानकारी description और comment box में दी गई है।
बाल झड़ने की होम्योपैथिक दवा: पुस्तक में क्या बताया गया है
बाल झड़ने की होम्योपैथिक दवा जानना चाहते हैं तो पुस्तक में बालों का झड़ना (BALDNESS) अध्याय देखिए। इसमें हर लक्षण के हिसाब से अलग-अलग औषधियों के नाम और शक्ति दी गई है।
यानी पुस्तक एक ही दवा नहीं बताती। बाल कहाँ से झड़ रहे हैं, साथ में रूसी या खुश्की है या नहीं, इन बातों के हिसाब से औषधि का नाम बदलता है।
लक्षण के हिसाब से औषधि की पहचान
पुस्तक में बताए गए लक्षण और उनके सामने लिखी औषधियाँ कुछ ऐसे हैं:
- सिर में रूसी, खुश्की या पपड़ी के साथ बाल झड़ना: मेजेरियम, कैलि-कार्ब और थूजा का नाम आता है।
- भौंहों, मूछों या दाढ़ी के बाल झड़ना: सेलेनियम और एनेथेरम का ज़िक्र है।
- उम्र से पहले बाल सफेद होना या चिंता के कारण झड़ना: ऐसिड फास बताई गई है।
- सिर पर पीबदार फुंसियों के साथ बाल झड़ना: नाइट्रिक ऐसिड का नाम आता है।
- बालों का गुच्छों में झड़ना: फॉस्फोरस तथा कैलकेरिया फॉस बताई गई हैं।
- गर्भावस्था के दौरान बाल झड़ना: नैट्रम-म्यूर का ज़िक्र है।
पुस्तक में बताई गई औषधियाँ
नीचे हर औषधि के आगे वही लिखा है जो पुस्तक में बताया गया है। शक्ति के अंक पुस्तक के हैं।
सेलेनियम (Selenium)
पुस्तक के अनुसार शीत प्रकृति वाले लोगों में भौंहों, मूछों और जननेन्द्रियों के बाल झड़ने पर सेलेनियम की 30 या 200 शक्ति का प्रयोग बताया गया है।
फ्लोरिक ऐसिड
पुस्तक के अनुसार गर्म प्रकृति वाले लोगों के बाल अपने आप झड़ने लगें तो फ्लोरिक ऐसिड की 6 या 30 शक्ति का प्रयोग बताया गया है।
ऐसिड फास
पुस्तक के अनुसार बाल उम्र से पहले सफेद हो जाएँ या किसी चिंता के कारण झड़ जाएँ, तो ऐसिड फास की 30 शक्ति का प्रयोग बताया गया है।
मेजेरियम
पुस्तक के अनुसार सिर में रूसी, बालों में खुश्की, चाक जैसी पपड़ियाँ और हर समय खुजली जैसे लक्षणों में मेजेरियम की 6 या 30 शक्ति का प्रयोग बताया गया है।
नाइट्रिक ऐसिड
पुस्तक के अनुसार बाल झड़ने के साथ सिर पर पीबदार फुंसियाँ भी निकल आएँ और रोगी सिर में हाथ तक न लगा सके, तो नाइट्रिक ऐसिड की 6 शक्ति का प्रयोग बताया गया है।
कैलि-कार्ब
पुस्तक के अनुसार सिर में खुश्की के साथ बाल भी झड़ते हों, तो कैलि-कार्ब की 30 या 200 शक्ति का प्रयोग बताया गया है।
सिफिलीनम
पुस्तक के अनुसार बालों के झड़ने पर सिफिलीनम औषधि की 200 से 1000 शक्ति का प्रयोग बताया गया है।
एनेथेरम
पुस्तक के अनुसार दाढ़ी के बाल झड़ते हों तो एनेथेरम औषधि की 3 शक्ति देना उपयोगी बताया गया है।
लाइकोपोडियम
पुस्तक में लाइकोपोडियम औषधि का नाम बालों के झड़ने के लिए बताया गया है। इसके साथ कोई शक्ति नहीं लिखी गई है।
थूजा (Thuja Occidentalis)
पुस्तक के अनुसार सिर में खुश्की और पपड़ीदार रूसी के कारण बाल झड़ते हों, तो थूजा की मूलार्क या 30 शक्ति का प्रयोग बताया गया है।
अस्टिलैगो
पुस्तक के अनुसार बाल समय से पहले झड़ जाएँ और एक बार झड़ने के बाद फिर न उगें, तो अस्टिलैगो का रस या उसकी 3 या 30 शक्ति का प्रयोग बताया गया है।
फॉस्फोरस तथा कैलकेरिया फॉस
पुस्तक के अनुसार सिर के एक हिस्से से बालों का गुच्छा निकल जाए और फिर दूसरे हिस्से से भी, तो पहले कुछ दिन फॉस्फोरस की 30 शक्ति और बाद के कुछ दिन कैलकेरिया फॉस की 3X मात्रा बताई गई है।
नैट्रम-म्यूर
पुस्तक के अनुसार गर्भावस्था के दौरान स्त्री के बाल झड़ गए हों, तो नैट्रम-म्यूर की 30 शक्ति या सीपिया की 200 शक्ति का प्रयोग बताया गया है।
आर्सेनिक
पुस्तक के अनुसार बालों की जड़ कमज़ोर होने से बाल झड़ते हों, सिर में खुश्की हो और शरीर की त्वचा खुश्क हो, तो आर्सेनिक औषधि का सेवन बताया गया है। इसके साथ कोई शक्ति नहीं लिखी गई है।
किताब से
किसी व्यक्ति के अगर दाढ़ी के बाल झड़ते है तो उसके लिए एनेथेरम औषधि की 3 शक्ति देना बहुत ही उपयोगी साबित होता है।
| दवा | पुस्तक में बताए लक्षण |
|---|---|
| सेलेनियम | भौंहों, मूछों और जननेन्द्रियों के बाल झड़ना |
| मेजेरियम | रूसी, खुश्की, पपड़ी और खुजली |
| नाइट्रिक ऐसिड | बाल झड़ने के साथ पीबदार फुंसियाँ |
| कैलि-कार्ब | सिर में खुश्की के साथ बाल झड़ना |
| एनेथेरम | दाढ़ी के बाल झड़ना |
| थूजा | खुश्की और पपड़ीदार रूसी |
| ऐसिड फास | बाल उम्र से पहले सफेद होना, चिंता से झड़ना |
| नैट्रम-म्यूर | गर्भावस्था में बाल झड़ना |
भरोसेमंद स्रोतों से जानकारी
- बाल बहुत तेज़ी से या कम उम्र में झड़ें, या साथ में दर्द या खुजली हो, तो चिकित्सक को दिखाने की सलाह दी जाती है। (स्रोत: अमेरिका का राष्ट्रीय स्वास्थ्य संस्थान)
- बाल झड़ने का कारण जानने के लिए पहले चिकित्सक से मिलने की सलाह दी जाती है। (स्रोत: ब्रिटेन की राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा)
बाल झड़ने की होम्योपैथिक दवा से जुड़े सवाल-जवाब
1.बाल झड़ने की होम्योपैथिक दवा कौन-सी बताई गई है
Baal jhadne ki homeopathic dawa kaun si batayi gayi hai
पुस्तक में एक दवा नहीं, लक्षण के हिसाब से कई औषधियों के नाम दिए गए हैं।
- पुस्तक के बालों का झड़ना अध्याय में अलग-अलग लक्षणों के आगे अलग औषधि लिखी है।
- रूसी और खुश्की के साथ बाल झड़ने पर मेजेरियम, कैलि-कार्ब और थूजा का नाम आता है।
- भौंहों और दाढ़ी के बाल झड़ने पर सेलेनियम और एनेथेरम का ज़िक्र है।
- कुछ औषधियों के साथ शक्ति लिखी है और कुछ के साथ नहीं।
- कौन-सी औषधि आपके लक्षण से मेल खाती है, यह अपने चिकित्सक से पूछिए।
2.रूसी और खुश्की के साथ बाल झड़ें तो पुस्तक में कौन-सी औषधि बताई गई है
Roosi aur khushki ke saath baal jhadein to pustak mein kaun si aushadhi batayi gayi hai
पुस्तक में ऐसे लक्षणों पर मेजेरियम, कैलि-कार्ब और थूजा का नाम आता है।
- मेजेरियम के साथ रूसी, खुश्की, चाक जैसी पपड़ियाँ और खुजली के लक्षण लिखे हैं।
- मेजेरियम की 6 या 30 शक्ति पुस्तक में बताई गई है।
- कैलि-कार्ब के साथ सिर में खुश्की और बाल झड़ने का लक्षण लिखा है।
- थूजा के साथ खुश्की और पपड़ीदार रूसी का लक्षण लिखा है।
- थूजा के लिए मूलार्क या 30 शक्ति पुस्तक में दी गई है।
3.दाढ़ी के बाल झड़ने पर पुस्तक में क्या बताया गया है
Daadhi ke baal jhadne par pustak mein kya bataya gaya hai
पुस्तक में दाढ़ी के बाल झड़ने पर एनेथेरम औषधि की 3 शक्ति बताई गई है।
- यह बात पुस्तक के बालों का झड़ना अध्याय में लिखी है।
- पुस्तक में इसे उपयोगी बताया गया है।
- भौंहों और मूछों के बाल झड़ने पर पुस्तक में अलग से सेलेनियम का नाम आता है।
- सेलेनियम के साथ 30 या 200 शक्ति लिखी है।
- अपने लक्षण के हिसाब से औषधि का चुनाव चिकित्सक से पूछकर कीजिए।
4.गर्भावस्था में बाल झड़ें तो पुस्तक में क्या लिखा है
Garbhavastha mein baal jhadein to pustak mein kya likha hai
पुस्तक में गर्भावस्था के दौरान बाल झड़ने पर नैट्रम-म्यूर का नाम बताया गया है।
- नैट्रम-म्यूर की 30 शक्ति पुस्तक में लिखी है।
- उसी जगह सीपिया की 200 शक्ति का नाम भी आता है।
- यह बात खास तौर पर स्त्रियों के लिए लिखी गई है।
- गर्भावस्था में कोई भी दवा लेने से पहले अपने चिकित्सक को ज़रूर बताइए।
- पुस्तक की यह बात जानकारी के लिए है, अपने आप दवा शुरू करने के लिए नहीं।
5.बाल गुच्छों में झड़ें तो पुस्तक में कौन-सी औषधि बताई गई है
Baal gucchon mein jhadein to pustak mein kaun si aushadhi batayi gayi hai
पुस्तक में बालों के गुच्छों में झड़ने पर फॉस्फोरस तथा कैलकेरिया फॉस बताई गई हैं।
- लक्षण यह लिखा है कि सिर के एक हिस्से से बालों का गुच्छा निकल जाए और फिर दूसरे हिस्से से भी।
- पहले कुछ दिन फॉस्फोरस की 30 शक्ति बताई गई है।
- बाद के कुछ दिन कैलकेरिया फॉस की 3X मात्रा बताई गई है।
- खुराक पुस्तक में नहीं दी गई, इसलिए यहाँ भी नहीं लिखी जा सकती।
- औषधि का क्रम और मात्रा अपने चिकित्सक से पूछिए।
6.सिर पर पीबदार फुंसियों के साथ बाल झड़ने पर कौन-सी औषधि बताई गई है
Sir par peebdaar funsiyon ke saath baal jhadne par kaun si aushadhi batayi gayi hai
पुस्तक में ऐसे लक्षण पर नाइट्रिक ऐसिड की 6 शक्ति बताई गई है।
- लक्षण यह है कि बाल झड़ने के साथ सिर पर पीबदार फुंसियाँ निकल आएँ।
- पुस्तक में लिखा है कि रोगी को सिर में हाथ लगाना भी मुश्किल हो जाता है।
- इस हालत में सिर पर कुछ भी नया लगाने से पहले चिकित्सक को दिखाइए।
- पुस्तक में यही एक औषधि इस लक्षण के साथ लिखी है।
- फुंसियों के साथ दर्द या सूजन हो तो देर न करें।
7.उम्र से पहले बाल सफेद होने या चिंता से झड़ने पर कौन-सी औषधि बताई गई है
Umr se pehle baal safed hone ya chinta se jhadne par kaun si aushadhi batayi gayi hai
पुस्तक में इस लक्षण पर ऐसिड फास की 30 शक्ति बताई गई है।
- पुस्तक में दो स्थितियाँ साथ लिखी हैं: बाल उम्र से पहले सफेद होना और चिंता से झड़ना।
- दोनों के लिए एक ही औषधि का नाम आता है।
- शक्ति 30 पुस्तक में दी गई है।
- चिंता का असली कारण जानने के लिए चिकित्सक से बात कीजिए।
- यह पुस्तक की जानकारी है, इसे सलाह की जगह न समझें।
8.भौंहों और मूछों के बाल झड़ने पर कौन-सी औषधि बताई गई है
Bhaunhon aur moochhon ke baal jhadne par kaun si aushadhi batayi gayi hai
पुस्तक में ऐसे लक्षण पर सेलेनियम की 30 या 200 शक्ति बताई गई है।
- पुस्तक में यह शीत प्रकृति वाले रोगियों के लिए लिखा है।
- भौंहों, मूछों के साथ जननेन्द्रियों के बाल झड़ने का लक्षण भी लिखा है।
- गर्म प्रकृति वालों के बाल अपने आप झड़ें तो फ्लोरिक ऐसिड का नाम आता है।
- फ्लोरिक ऐसिड के साथ 6 या 30 शक्ति लिखी है।
- प्रकृति पहचानने का काम चिकित्सक पर छोड़िए।
यह लेख कैसे बना
इस पुस्तक पर आधारित: होम्योपैथी प्रैक्टिस (Homeopathy Practice) — हिंदी बुक (पन्ना 75–76) — लेखक: डॉ. राजपाल लांबा
यह लेख होम्योपैथी प्रैक्टिस (Homeopathy Practice) — हिंदी बुक (डॉ. राजपाल लांबा) पर आधारित है, AI की मदद से तैयार किया गया और Health Today संपादक ने जाँचा।
अपने चिकित्सक को ज़रूर बताइए — सही पहचान के बाद ही सही औषधि चुनी जा सकती है।
यह लेख सिर्फ़ जानकारी के लिए है। यह डॉक्टर की सलाह, जाँच या इलाज की जगह नहीं है — कोई भी दवा अपने चिकित्सक से पूछकर ही लें।
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आगे पढ़ने के लिए
ये सिर्फ़ आगे पढ़ने के लिए हैं — सबूत नहीं।
यह लेख डॉ. राजपाल लांबा की किताब "होम्योपैथी प्रैक्टिस (Homeopathy Practice) — हिंदी बुक" (पन्ना 76) में दी गई जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है।
इस लेख का स्रोत
- होम्योपैथी प्रैक्टिस (Homeopathy Practice) — हिंदी बुक, Health Today Publicationक्यों जोड़ा: यह लेख इसी किताब के इन पन्नों से बना है।
इस विषय का अंतरराष्ट्रीय कोड
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