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भय (Fear) क्यों लगता है? पुस्तक की 13 औषधियाँ ✅
भय में बिना कारण डर, पसीना, कंपकंपी और चक्कर जैसे लक्षण हो सकते हैं। पुस्तक में हर डर के लक्षण के साथ अलग औषधि का ज़िक्र है।
रमेश वर्माप्रकाशित: 4 नवंबर 2026
भय (Fear) एक अचानक होने वाली स्थिति है, जिसमें बिना किसी कारण के डर लगता है। पुस्तक में इसके लक्षण और 13 औषधियों का ज़िक्र है।
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अचानक बिना कारण भय लगने लगे तो घबराइए मत।
अगले दो मिनट में जानिए कि पुस्तक इसके बारे में क्या बताती है।
भय एक अचानक होने वाली स्थिति है।
इसमें बिना किसी कारण के डर लगने लगता है।
पुस्तक में इसे आसान शब्दों में समझाया गया है।
पुस्तक के अनुसार हवाई यात्रा, भीड़-भाड़ वाली जगह या बहुत ऊँचे स्थान पर जाते समय भय पैदा हो सकता है।
यानी जगह बदलते ही डर का अनुभव बदल सकता है।
सबसे पहले देखिए कि डर किस बात का है।
अंधेरे का, पानी का, अकेलेपन का या किसी और बात का।
पुस्तक में हर डर के लिए अलग ज़िक्र है।
पसीना आना, शरीर का काँपना, गले में घुटन, चक्कर या झुनझुनी।
ये सब लक्षण भय के साथ हो सकते हैं।
इन्हें एक कागज़ पर लिख लीजिए।
इससे बात समझाना आसान हो जाता है।
लिखे हुए सारे लक्षण अपने चिकित्सक को बताइए।
पुस्तक में औषधि लक्षणों के हिसाब से अलग-अलग बताई गई है, इसलिए सही पहचान ज़रूरी है।
अगर साँस रुकती लगे, गले में घुटन बढ़े या धड़कन बंद होने जैसा लगे, तो देर न करें।
तुरंत डॉक्टर या अस्पताल से मदद लीजिए।
ऐसे में अपने आप कुछ भी मत कीजिए।
अगर डर के साथ बेहोशी आ जाए या बार-बार चक्कर आए, तो घर पर इंतज़ार मत कीजिए।
उसी समय डॉक्टर को दिखाइए।
यह जानकारी होम्योपैथी प्रैक्टिस, डॉ. राजपाल लांबा से ली गई है।
भय में डर का रूप पहचानिए, लक्षण लिखिए और चिकित्सक को बताइए।
याद रखिए, जल्दबाज़ी में खुद से कोई फैसला मत कीजिए।
पूरा लेख पढ़िए, उसमें पुस्तक की सारी बातें आसान हिंदी में हैं।
अपने चिकित्सक को ज़रूर बताइए — सही पहचान के बाद ही सही औषधि चुनी जा सकती है।
पूरी जानकारी description और comment box में दी गई है।
भय क्या है? (FEAR) पुस्तक की आसान जानकारी
भय (FEAR) एक अचानक होने वाली स्थिति है, जिसमें बिना किसी कारण के डर लगने लगता है। पुस्तक के अनुसार हवाई यात्रा करते समय, भीड़-भाड़ वाली जगह में या बहुत ऊँचे स्थान पर जाते समय भय पैदा हो सकता है।
भय के लक्षण क्या होते हैं
पुस्तक में भय होने पर ये लक्षण बताए गए हैं। अगर आपको या घर में किसी को ऐसा लगे, तो इन्हें ध्यान से देखिए।
- पसीना आना और शरीर का काँपना।
- गले में रुकावट या घुटन महसूस होना।
- एकाएक धड़कन बंद हो जाने जैसा लगना।
- चक्कर आना, और कभी-कभी बेहोश हो जाना।
- मृत्यु का भय या पागल होने का डर पैदा होना।
- कई अंगों में झुनझुनी होना या उनका सुन्न पड़ जाना।
डर के अलग-अलग रूप और पुस्तक में बताई गई औषधियाँ
पुस्तक में हर तरह के डर के लिए अलग औषधि का ज़िक्र है। इसलिए सबसे पहले यह पहचानिए कि डर किस बात का है। नीचे के हर हिस्से में पुस्तक की बात उसी के शब्दों में आसान हिंदी में दी गई है।
- मृत्यु का भय, अंधेरे या भूत-प्रेत का डर: ऐकोनाइट, प्लैटिना।
- अंधेरे कमरे, पानी या कुत्ते का डर: स्टैमोनियम, लाइसिन।
- ज़हर देने या मार देने का डर: हायोसाएमस।
- अकेले रहने का डर: स्टैमोनियम, कैलि कार्ब।
- भय के साथ दस्त या घबराहट: ओपियम, अर्जेंटम नाइट्रिकम।
- पागल होने का डर या आने वाली दुर्घटना की चिंता: कैलकेरिया कार्ब, फॉसफोरस, जेल्सीमियम।
भय में किस लक्षण पर कौन-सी औषधि: पुस्तक की बात
ये सारी बातें पुस्तक से ली गई हैं। औषधि का चुनाव लक्षण देखकर ही होता है, इसलिए खुद से कोई फैसला मत कीजिए।
ऐकोनाइट (Aconitum Napellus)
पुस्तक के अनुसार जिसे गर्भावस्था में, किसी भी समय या गाड़ी में बैठे हुए मृत्यु का भय लगता है, अंधेरे या भूत-प्रेत से डर लगता है, उसके लिए इस औषधि का ज़िक्र है।
पुस्तक में लिखा है कि ऐसे व्यक्ति का मन दुःखी, चिंतित और त्रस्त रहता है। बिना रोशनी वाले कमरे में भय के कारण नींद न आना भी इसी लक्षण के साथ बताया गया है।
पुस्तक में इस औषधि की 30 शक्ति का नाम आता है।
बेलाडोना (Belladonna)
पुस्तक के अनुसार जब भय के साथ शरीर में लगातार कष्ट बना रहे और भय के कारण व्यक्ति रोने-चिल्लाने लगे, तब इस औषधि का ज़िक्र है।
पुस्तक में इस औषधि की 30 शक्ति का नाम आता है।
प्लैटिना (Platinum Metallicum)
पुस्तक के अनुसार शोक से व्याकुल होने के साथ मृत्यु का भय हो रहा हो, तो प्लैटिना औषधि का ज़िक्र है।
पुस्तक में इस औषधि की 30 शक्ति का नाम आता है।
क्यूप्रम मेटेलिकम
पुस्तक के अनुसार भय के कारण ऐंठन होना या बेहोश होना जैसे लक्षणों में क्यूप्रम मेटेलिकम का ज़िक्र है।
पुस्तक में इस औषधि की 6 या 200 शक्ति का नाम आता है।
ओपियम (Opium)
पुस्तक के अनुसार भय से पैदा होने वाली परेशानियों में ओपियम औषधि बताई गई है। व्यक्ति भय की कल्पनाओं से परेशान रहता है।
पुस्तक में यह भी लिखा है कि डर लगने के कारण दस्त हो रहे हों, तब भी इस औषधि का ज़िक्र है।
पुस्तक में इस औषधि की 30 या 200 शक्ति का नाम आता है।
स्टैमोनियम
पुस्तक के अनुसार जो व्यक्ति भय के कारण अकेला नहीं रह पाता और अंधेरे कमरे में डरता है, उसके लिए स्टैमोनियम का ज़िक्र है।
पुस्तक में लिखा है कि रोशनी के बिना उसे नींद नहीं आती। उसे पानी से, चमकीली चीज़ों से और कुत्ते से भी डर लगता है।
पुस्तक में इस औषधि की 30 शक्ति का नाम आता है।
हायोसाएमस (Hyoscyamus Niger)
पुस्तक के अनुसार जिसे हमेशा यह डर रहता है कि कोई उसे ज़हर न दे दे, मार न दे या घायल न कर दे, उसके लिए हायोसाएमस का ज़िक्र है।
पुस्तक में इस औषधि की 30 शक्ति का नाम आता है।
अर्जेंटम नाइट्रिकम
पुस्तक के अनुसार भय के साथ जब व्यक्ति नर्वस हो जाए और किसी भी बात से घबराहट महसूस करे, तब अर्जेंटम नाइट्रिकम का ज़िक्र है।
पुस्तक में लिखा है कि जब तक घटना घट नहीं जाती, घबराहट और डर बना रहता है और व्यक्ति हर बात में जल्दी करता है।
पुस्तक में इस औषधि की 3 या 30 शक्ति का नाम आता है।
फॉसफोरस (Phosphorus)
पुस्तक के अनुसार जिसे आने वाली किसी दुर्घटना को सोच-सोचकर डर लगता है और जो शीत प्रधान है, उसके लिए फॉसफोरस का ज़िक्र है।
पुस्तक में इस औषधि की 30 शक्ति का नाम आता है।
जेल्सीमियम (Gelsemium Sempervirens)
पुस्तक के अनुसार जिसे डर लगता है और वह सोचता रहता है कि अब क्या होगा, ऐसा हुआ तो क्या होगा, उसके लिए जेल्सीमियम का ज़िक्र है।
पुस्तक में लिखा है कि डर के कारण दिल धड़कने लगे, या थकान, शक्तिहीनता और कंपन के साथ डर लगे, तब भी यह औषधि बताई गई है।
पुस्तक में इस औषधि की 30 शक्ति का नाम आता है।
कैलकेरिया कार्ब
पुस्तक के अनुसार जिसे लगता है कि कहीं वह पागल तो नहीं हो जाएगा, या कोई दुर्घटना होने वाली है, उसके लिए कैलकेरिया कार्ब का ज़िक्र है।
पुस्तक में यह भी लिखा है कि वह सोचता है कि कहीं लोग उसका मानसिक कष्ट तो नहीं बढ़ा रहे। इस औषधि की 30 शक्ति का नाम आता है।
लाइसिन
पुस्तक के अनुसार जिसे पानी से डर लगता है, उसके लिए लाइसिन औषधि का ज़िक्र है।
पुस्तक में इस औषधि की 200 शक्ति का नाम आता है।
कैलि कार्ब
पुस्तक के अनुसार जब व्यक्ति अकेला रहता है तो उसे डर लगता है, खासकर शाम को बिस्तर पर लेटते समय। ऐसे में कैलि कार्ब का ज़िक्र है।
पुस्तक में इस औषधि की 30 शक्ति का नाम आता है।
भय में चिकित्सक को कब बताएँ
भय के साथ कुछ लक्षण ऐसे हैं जिन्हें हल्के में नहीं लेना चाहिए। देर न करें और अपने चिकित्सक को ज़रूर बताइए।
- साँस रुकती हो या गले में घुटन बढ़ती हो।
- बार-बार चक्कर आए या बेहोशी हो जाए।
- धड़कन बंद होने जैसा लगे।
- डर रोज़ के काम में रुकावट डाले।
किताब से
भय एक अचानक होने वाली स्थिति होती है जिसमें बिना किसी कारण से भय लगता है।
| दवा | पुस्तक में बताए लक्षण |
|---|---|
| ऐकोनाइट | मृत्यु का भय, अंधेरे और भूत-प्रेत से डर |
| बेलाडोना | भय के साथ कष्ट, रोना और चिल्लाना |
| प्लैटिना | शोक से व्याकुल होने के साथ मृत्यु का भय |
| ओपियम | भय की कल्पनाएँ और डर से दस्त |
| स्टैमोनियम | अकेले न रह पाना, अंधेरे, पानी और कुत्ते से डर |
| हायोसाएमस | ज़हर देने या मार देने का डर |
| जेल्सीमियम | अब क्या होगा की सोच, डर से दिल धड़कना |
| कैलि कार्ब | अकेले रहने पर डर, खासकर शाम को बिस्तर पर |
भय के बारे में लोग ये भी पूछते हैं
1.भय क्या है और कब लगता है
bhay kya hai aur kab lagta hai
पुस्तक के अनुसार भय एक अचानक होने वाली स्थिति है, जिसमें बिना किसी कारण के डर लगता है।
- हवाई यात्रा करते समय भय पैदा हो सकता है।
- भीड़-भाड़ वाली जगह में भी ऐसा हो सकता है।
- बहुत ऊँचे स्थान पर जाते समय भी भय पैदा होता है।
- पुस्तक इसे अचानक होने वाली स्थिति बताती है।
2.भय के लक्षण क्या होते हैं
bhay ke lakshan kya hote hain
पुस्तक में पसीना आना, शरीर का काँपना और गले में घुटन जैसे लक्षण बताए गए हैं।
- चक्कर आता है और कभी-कभी व्यक्ति बेहोश भी हो जाता है।
- एकाएक धड़कन बंद हो जाने जैसा लगता है।
- मृत्यु का भय या पागल होने का डर पैदा हो सकता है।
- कई अंगों में झुनझुनी होती है या वे सुन्न पड़ जाते हैं।
3.बिना कारण डर लगना, इसमें पुस्तक में कौन-सी औषधि बताई गई है
bina karan dar lagna pustak mein kaun si aushadhi
पुस्तक में बिना कारण डर लगने के लक्षण के साथ ऐकोनाइट औषधि का ज़िक्र है।
- इसमें मृत्यु का भय और अंधेरे से डर भी गिनाया गया है।
- भूत-प्रेत का भय और बेचैनी भी इसी के लक्षण में आते हैं।
- पुस्तक में इसकी 30 शक्ति का नाम आता है।
- औषधि का चुनाव अपने चिकित्सक की सलाह से ही कीजिए।
4.मृत्यु का भय लगे तो पुस्तक में कौन-सी औषधि बताई गई है
mrityu ka bhay lage to kaun si aushadhi
पुस्तक में मृत्यु के भय के लिए ऐकोनाइट और प्लैटिना औषधियों का ज़िक्र है।
- ऐकोनाइट में गर्भावस्था या गाड़ी में बैठे हुए मृत्यु का भय बताया गया है।
- प्लैटिना में शोक से व्याकुल होने के साथ मृत्यु का भय बताया गया है।
- दोनों की 30 शक्ति का नाम पुस्तक में आता है।
- लक्षण अलग हों तो औषधि भी अलग बताई गई है।
5.अंधेरे, पानी या अकेलेपन से डर लगे तो पुस्तक में क्या बताया गया है
andhere pani ya akelepan se dar
पुस्तक में हर तरह के डर के लिए अलग औषधि का ज़िक्र है।
- अंधेरे कमरे के डर में स्टैमोनियम का ज़िक्र है।
- पानी से डर लगने पर स्टैमोनियम और लाइसिन का ज़िक्र है।
- अकेले रहने के डर में कैलि कार्ब का ज़िक्र है।
- शाम को बिस्तर पर लेटते समय डर लगे तो कैलि कार्ब का नाम आता है।
6.भय की होम्योपैथिक दवा कौन-सी है
bhay ki homeopathic dawa kaun si hai
पुस्तक में भय के अलग-अलग लक्षणों के लिए कई औषधियाँ बताई गई हैं, कोई एक नहीं।
- ऐकोनाइट, बेलाडोना और प्लैटिना का ज़िक्र है।
- स्टैमोनियम, हायोसाएमस और जेल्सीमियम का भी ज़िक्र है।
- कैलकेरिया कार्ब, फॉसफोरस और लाइसिन भी इसमें शामिल हैं।
- हर औषधि का ज़िक्र अलग लक्षण के साथ है, इसलिए लक्षण पहचानना ज़रूरी है।
7.डर के साथ दस्त या धड़कन तेज़ हो तो पुस्तक में क्या बताया गया है
dar ke saath dast ya dhadkan
पुस्तक में डर के कारण दस्त के लिए ओपियम और दिल धड़कने के लिए जेल्सीमियम का ज़िक्र है।
- ओपियम में भय की कल्पनाओं से परेशानी और डर से दस्त बताया गया है।
- जेल्सीमियम में डर के कारण दिल धड़कना बताया गया है।
- जेल्सीमियम में थकान, शक्तिहीनता और कंपन भी गिनाए गए हैं।
- दोनों के बारे में अपने चिकित्सक से बात कीजिए।
8.भय में चिकित्सक को कब बताना चाहिए
bhay mein chikitsak ko kab batayen
साँस रुकती हो, बेहोशी आए या डर रोज़ के काम में रुकावट डाले, तो देर न करें और चिकित्सक को बताइए।
- चक्कर बार-बार आए तो बताइए।
- गले में घुटन बढ़ती लगे तो बताइए।
- धड़कन बंद होने जैसा लगे तो बताइए।
- सही पहचान के बाद ही सही औषधि चुनी जा सकती है।
यह लेख कैसे बना
इस पुस्तक पर आधारित: होम्योपैथी प्रैक्टिस (Homeopathy Practice) — हिंदी बुक (पन्ना 14–16) — लेखक: डॉ. राजपाल लांबा
यह लेख होम्योपैथी प्रैक्टिस (Homeopathy Practice) — हिंदी बुक (डॉ. राजपाल लांबा) पर आधारित है, AI की मदद से तैयार किया गया और Health Today संपादक ने जाँचा।
अपने चिकित्सक को ज़रूर बताइए — सही पहचान के बाद ही सही औषधि चुनी जा सकती है।
यह लेख सिर्फ़ जानकारी के लिए है। यह डॉक्टर की सलाह, जाँच या इलाज की जगह नहीं है — कोई भी दवा अपने चिकित्सक से पूछकर ही लें।
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आगे पढ़ने के लिए
ये सिर्फ़ आगे पढ़ने के लिए हैं — सबूत नहीं।
यह लेख डॉ. राजपाल लांबा की किताब "होम्योपैथी प्रैक्टिस (Homeopathy Practice) — हिंदी बुक" (पन्ना 14) में दी गई जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है।
इस लेख का स्रोत
- होम्योपैथी प्रैक्टिस (Homeopathy Practice) — हिंदी बुक, Health Today Publicationक्यों जोड़ा: यह लेख इसी किताब के इन पन्नों से बना है।
